फोटो 21: मरीज को देखने के बाद दवा लिखते डॉ. सौरभ यादव। संवाद
इटावा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों की पांच दिन बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई है। इससे जिला अस्पताल, सीएचसी और आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पटरी पर लौटने लगी हैं। जांच, टीकाकरण और आयुष्मान कार्ड बनाने जैसे प्रभावित काम फिर से शुरू हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और मरीजों दोनों ने इससे राहत महसूस की है।
शनिवार को संयुक्त जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक दूर-दूर से मरीजों का तांता लगा रहा। इस दौरान 1030 नए मरीजों ने पंजीकरण करवाया। वहीं, 190 मरीज पुराने पर्चे पर दवा लेने पहुंचे। इन मरीजों में वायरल बुखार, टाइफाइड, खांसी, जुकाम और त्वचा रोग के मरीज सबसे अधिक थे।
फिजीशियन कक्ष के बाहर मरीजों की भारी भीड़ लगी रही। डॉक्टरों ने जांच के बाद मरीजों की खून की जांच करवाई। फिजिशियन डॉ. सौरभ यादव ने बताया कि बदलते मौसम में संक्रामक बीमारियों की संख्या में वृद्धि हुई है। लोग जरा सी लापरवाही में वायरल बुखार और टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं।
रिपोर्ट आने के बाद उन्हें दवाएं दी जा रही हैं। बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर भी बीमार छोटे बच्चों की संख्या अधिक थी। अधिकतर बच्चे बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित मिले। खून की जांच कराने के लिए पंजीकरण केंद्र के बाहर मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं।