इटावा। ऊसराहार स्थित कस्तूरबा स्कूल की बीमार छात्राओं की जांच करने सीएमओ डॉक्टरों की टीम लेकर बुधवार को स्कूल पहुंचे। बीएसए ने भी छात्राओं ने भोजन, पानी और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। छात्राओं के सहमे चेहरे देखकर स्टाफ को व्यवहार सुधार की हिदायत दी। बीएसए में अपनापन देखकर छात्राओं का हौसला बढ़ा। उन्होंने कहा कि गर्मी बहुत है सर कूलर लगवा दीजिए। बीएसए ने तुरंत दो कूलर मंगवाकर छात्राओं के लिए लगवा दिए।
ऊसराहार कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में मंगलवार को 13 छात्राएं बीमार हो गईं थीं। उन्हें पीएचसी में डॉक्टर न होने से इलाज नहीं मिल पाया था। जानकारी होने पर बुधवार को सीएमओ अनिल कुमार और बीएसए अजय कुमार सिंह कस्तूरबा स्कूल पहुंचे। सीएमओ की मौजूदगी में सीएचसी सरसईनावर के अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने टीम के साथ सभी छात्राओं की जांच कर दवाएं दीं। ज्यादातर बालिकाएं पेट दर्द, उल्टी-दस्त से पीड़ित थीं।
बीएसए ने छात्राओं से भोजन, पानी अन्य सुविधाओं स्टाफ के व्यवहार के बारे में जानकारी ली। सहमी छात्राएं कुछ नहीं बोलीं तो बीएसए ने स्टाफ को व्यवहार सुधारने की हिदायत दी। खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहीं मिली। इस पर बीएसए ने ठेकेदार को सुधार न करने पर काली सूची में डालने की चेतावनी भी दे डाली। स्कूल परिसर में गंदा पानी भरा था। बीएसए की नाराजगी पर बालिका शिक्षा समन्वयक विकास सक्सेना ने पंप मंगाकर गंदा पानी निकलवाया।
बीएसए ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद कस्तूरबा स्कूल के ऑनलाइन निरीक्षण की व्यवस्था की जाएगी। छात्राओं की उपस्थित भी ऑनलाइन होगी। भोजन व पेयजल की गुणवत्ता और बेहतर की जाएगी। शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी स्टाफ की तैनाती की जाएगी। सोलर सिस्टम को सही कराने के लिए नेडा के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा हॉस्टल वार्डन अरुणा दीक्षित मौजूद रहीं।
सीएमओ ने ऊसराहार अस्पताल का निरीक्षण भी किया। यहां फार्मासिस्ट अभिलाष सिंह से अस्पताल बंद रहने का कारण पूछा। उन्होंने चुनाव ड्यूटी पर होना बताया। इस अस्पताल में अगस्त 2018 से डॉक्टर नहीं है। सीएमओ ने कहा कि आचार संहिता खत्म होते ही डाक्टर की नियुक्ति कर दी जाएगी।