इटावा। विकास भवन के सभागार में बुधवार को डीएम जेबी सिंह ने विकास कार्यों की समीक्षा की। इसमें जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में पाया कि सरकारी अस्पतालों में 28426 संस्थागत प्रसव हुए, लेकिन शत प्रतिशत प्रसूताओं का भुगतान नहीं हुआ। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और त्वरित गति से भुगतान करने के निर्देश दिए।
इस पर सीएमओ ने बताया कि कुछ प्रसूताओं ने बैंक खाता नंबर उपलब्ध नहीं कराए हैं। जिससे उनके भुगतान में देरी हो रही है। इस पर डीएम ने कहा कि जब गर्भवती महिला का घर घर जाकर पंजीकरण किया जाता है तो उसी समय उनके बैंक खाते भी एकत्र करने चाहिए ताकि उन्हें योजना का लाभ समय से मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में निर्माणाधीन अपूर्ण आवासों को तत्काल पूरा कराया जाए। मनरेगा में श्रृजित मानव दिवसों के अवशेष डिले पेमेंट का भुगतान प्राथमिकता पर कराया जाए। उन्होंने समीक्षा करते हुए कहा कि माइनरों की सिल्ट सफाई का काम पूरा हो चुका है। लेकिन अभी भी अधिकतर माइनरों में सिल्ट सफाई का काम अपूर्ण है। उनकी सफाई कराई जाए। बैठक में डीएम ने राज्य वित्त आयेाग व 14वें वित्त आयेाग में अवशेष धनराशि को व्यय करने, प्रत्येक विकास खंड में दो-दो माडल गोशालाएं बनवाने, पात्र ग्रहस्थ लाभार्थियों की शत प्रतिशत फीडिंग व सीडिंग कराए जाने, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत निर्मित आवासों को पूर्ण कराने, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित समूहों के शत प्रतिशत खाते खुलवाने के निर्देश दिए।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल कुमार अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी प्रमोद कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए उमाकांत त्रिपाठी, उप निदेशक कृषि एके सिंह व सभी खंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित रहे।