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आपरेशन के नाम पर ठगे 37 हजार रुपये

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सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती मरीज के तीमारदार से एक ठग ने इलाज के नाम पर 37 हजार रुपये ठग लिए। जब तीमारदार को ठगी का आभास हुआ तो उसने गार्ड की मदद से ठक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी है।
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मैनपुरी के थाना बेवर का निवासी रामनिवास की गिरने से रीड़ की हड्डी टूट गई थी। उसे नौ जनवरी को ट्रामा सेंटर की चौथी मंजिल पर आईसीयू वार्ड में बेड 11 पर भर्ती किया गया था।
भाई सुधीर कुमार ने बताया कि वह भाई को इलाज के लिए लाया था। जहां पर उसके गांव के जयकरण के बेटे आशु से बात हुई तो बताया कि उसका दोस्त राहुल गेट नंबर चार पर मिलेगा, वह मदद कर देगा। जब वह वहां पहुंचा तो राहुल मिल गया।
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उसने भर्ती कराने के नाम पर पांच हजार रुपये ले लिए। फिर 10 जनवरी को कहा कि ब्लड की जरूरत पड़ रही है, जिसके लिए 10 हजार रुपये और देने पड़ेंगे। उसके बाद 12 जनवरी को ऑपरेशन के नाम पर 20 हजार रुपये और ले लिए।
बाद में उसने दो हजार रुपये इंजेक्शन के लिए ले लिए। आरोप लगाया कि राहुल अभी तक कुल 37 हजार रुपये की ठगी कर चुका है, लेकिन अभी तक ऑपरेशन नहीं हो सका। मंगलवार की उसने 15 हजार रुपये और मांगे।
उसी दौरान वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि वह ठग है। इसके चक्कर में मत पड़ो। इसी बीच सुधीर ने गार्डों को बुलाया और पकड़ लिया। सुरक्षा गार्डों ने उसे सैफई थाना पुलिस को सौंप दिया। थाना पुलिस ने अपनी कस्टडी में लेकर उससे पूछताछ करना शुरू कर दी।
पहले भी हो चुकी है ठगी
सैफई विवि में पहले भी कोरोना के दौरान ठगों ने मरीजों और तीमारदारों से ठगी की थी।
29 मई 2021 को फर्जी डॉक्टर ने आगरा के गोकुल नगर मारुति स्टेट बोदला रोड निवासी मोहित लछवानी की मां को भर्ती कराने और ऑक्सीजन और बेड उपलब्ध कराने के नाम पर 75 हजार रुपये ठग लिए थे।
बाद में अस्पताल में न तो वेंटिलेटर मिला और न ही अन्य कोई सुविधा। बाद में उसकी मां की मौत भी हो गई थी। पीड़ित ने सैफई थाने में आरोपी खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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