राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की ओर से कौशल प्रशिक्षण व सेवायोजन योजना चलाई जा रही है। इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले युवकों और युवतियों को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देने के बाद स्वरोजगार दिलाया जाएगा।
डीएम डा. नितिन बंसल की ओर से नामित शहरी मिशन प्रबंधन इकाई के तहत कलक्ट्रेट स्थित विज्ञान केंद्र पर 350 आवेदकों का साक्षात्कार लिया गया। सुबह से देर शाम तक आवेदक साक्षात्कार के लिए डटे रहे।
प्रधानमंत्री ने स्किल इंडिया स्कीम शुरू की है। इस योजना के तहत युवक व युवतियों को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक ट्रेनिंग भी देना है। तमाम ट्रेडों में महारत हासिल करने के बाद अभ्यर्थी अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकते हैं। इसके लिए उनको नौकरी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। हुनर से खुद वह अपने पैर पर खड़े हो जाएंगे।
एडीएम ईश्वचंद्र ने बताया कि सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग, कंपोजिंग आदि तमाम ट्रेडों में आवेदकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मकसद अभ्यर्थियों को सीधे रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि जिले में इसका लक्ष्य दो हजार का है। अभी कम अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
साक्षात्कार देने आईं रुबाना, शाहिना, यासमीन, रूप सिंह, कविता, गीता ने बताया कि वह ट्रेनिंग करने के बाद अपना रोजगार करना चाहती हैं। इसीलिए साक्षात्कार देने के लिए आए हैं। साक्षात्कार एडीएम के साथ परियोजना अधिकारी डूडा मिथलेश अवस्थी, जिला समन्वयवक कौशल विकास मिशन, जिला सेवायोजन अधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र ने लिया।