इलेक्ट्रिक इंजन पर खड़े लोको पायलट
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इटावा। इटावा-मैनपुरी रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन के साथ चली आठ डिब्बों वाली ट्रेन केवल एक यात्री को 55 किलोमीटर तक ले गई। इटावा से ट्रेन मंगलवार रात को रवाना हुई थे। बुधवार को मैनपुरी से वाया इटावा आगरा कैंट के लौट गई। अभी तक डीएमयू इंजन से ट्रेन चलती थी।
इटावा- मैनपुरी रेल लाइन पर 28 दिसंबर 2016 से डीएमयू ट्रेन चलाई जा रही थी। विद्युतीकरण करने के बाद तीन मार्च को रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण करने और इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की अनुमति प्रदान कर दी। 24 मार्च को इटावा से मैनपुरी ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन से पहले मालगाड़ी चलाई गई। 29 मार्च को इलेक्ट्रिक इंजन के साथ पहली सवारी आगरा से गाड़ी चलाई गई।
आगरा कैंट स्टेशन से आठ डिब्बे की ट्रेन में 29 यात्रियों को लेकर लोको पायलट दिगंबर सिंह व सुधा चंद्रा व सीआईटी अनिल शर्मा इटावा पहुंचे। मंगलवार रात ट्रेन इटावा स्टेशन से मैनपुरी के लिए रवाना हुई। मैनपुरी के लिए केवल टिकट ही बिका।
बुधवार सुबह ट्रेन मैनपुरी से इटावा के लिए चली। करीब पौन घंटा विलंब से 6:46 बजे इटावा स्टेशन पहुंची। यहां से 7:18 बजे उदी के रास्ते आगरा के लिए रवाना हो गई। इटावा से ट्रेन से 21 यात्री रवाना हुए। इटावा से मैनपुरी की दूरी 55 किलोमीटर और किराया 35 रुपये है, जबकि आगरा कैंट तक की दूरी 137 किलोमीटर और किराया 65 रुपये है। यात्रियों की मांग है कि इस ट्रेन का समय परिवर्तित किया जाए और इसे मैनपुरी से बढ़ाकर फर्रुखाबाद तक चलाया जाए तभी इसका लाभ यात्री उठा सकेंगे।