खेत में कच्चे तेल की खोजबीन के लिए उपकरण सेट करते कर्मचारी।
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चौबिया क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कच्चे तेल की तलाश में ओएनजीसी की टीम ने बोरिंग के बाद मंगलवार शाम को विस्फोट किए गए। विस्फोट के होते ही जमीन के अंदर से पानी का 20 फीट ऊंचा फव्वारा फूट पड़ा। ऐसे कई धमाके किए गए। आवाज सुनकर आसपास गांव के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। टीम की माने तो अभी कच्चे तेल की संभावना से जुड़े आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं। इनका अध्ययन भूगर्भ वैज्ञानिक करेंगे। पूरी प्रक्रिया में छह महीने का वक्त लगेगा।
कच्चे तेल की संभावना तलाशने में जुटी ऑयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) की टीम बुधवार को चौबिया क्षेत्र में परीक्षण करने के बाद भरथना क्षेत्र में पहुंच गई। यहां नगला हनुमान गांव में कंपनी ने अपना ठहराव का प्वाइंट स्थापित किया। उपकरणों के जरिए भूगर्भ में क्रूड ऑयल की संभावना से जुड़े आंकड़े जुटाए। भरथना ब्लाक के मौजा अदलीपुर के नगला पसी गांव में टीम के पहुंचने पर लोगों की उत्सुकता बढ़ गई। कार्य स्थल के पास लोगों की भीड़ जमा हो गई। यहां ओएनजीसी की टीम ने सैस्मिक वेब नाम के यंत्र का इस्तेमाल किया। इसके जरिये खेत की मिट्टी से जमीन के अंदर कच्चे तेल के भंडार के होने का अनुमान लगाया गया। टीम के लोगों ने बताया कि इस यंत्र से निकली तरंगों से इसकी जानकारी हासिल की जाती है।
इससे पूर्व गत मंगलवार की शाम को चौबिया क्षेत्र के गांव नगला सबी पश्चिमी, भोजपुर रामायन, नगला पाये, मुगलपुरा, नगला हरजू आदि अन्य गांवों में की गई बोरिंग में विस्फोट की प्रक्रिया की गई। शाम करीब 5 बजे से यह विस्फोट किए गए। टीम के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर के अनुसार बोरिंग में होने वाले विस्फोट के बाद का डाटा कंप्यूटर में रिकार्ड होता है। विस्फोट की प्रक्रिया को प्वाइंट पर लगाई गई टीवी स्क्रीन पर गहराई से देखा जाता है। इस प्रक्रिया की पूरी फाइल बनाकर भूगर्भ वैज्ञानिकों के पास भेजी जाएगी। जो इसका बारीकी से अध्ययन करके कच्चे तेल के बारे में अपनी रिपोर्ट देंगे। इसमें करीब छह महीने का वक्त लगेगा।
उधर शाम के वक्त धमाकों की आवाज काफी दूर तक गूंजती रही। जिसे सुनकर तमाम लोग उत्सुकता वश मौके पर जमा होते रहे। हालांकि टीम के कर्मचारी लोगों को हटाते भी रहे। टीम स्टाफ के अनुसार तकरीबन हर 300 मीटर की दूरी पर बोरिंग की गई है। यह कई जगह सीधी तो कहीं कहीं दाएं बाएं हुई हैं। बोरिंग के साथ जमीन के अंदर विस्फोटक पदार्थ डाला गया। जिसका धमाका करके जमीन के अंदर मौजूद कच्चे तेल का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।