ऊसराहार। क्षेत्र के गांव महुंआ नगरिया में रविवार शाम से लापता हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के दो छात्रों के शव पेड़ की एक डाल के सहारे फंदे से लटके मिले। दोनों किशोरों के शवों पर चोटों के निशान होने परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि अभी पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत महुआ नगरिया निवासी गेंदालाल यादव का पुत्र अंकुल यादव (14) हाईस्कूल का छात्र है। इसी गांव के राकेश कमल का पुत्र आकाश कमल (16) इंटरमीडिएट का छात्र है। दोनों के घर आमने-सामने होने से गहरी दोस्ती थी। रविवार की शाम करीब चार बजे दोनों छात्र घर से समोसा खाने की बात कहकर साथ में निकले थे। इसके बाद देर रात तक उनके वापस न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी। सोमवार की सुबह गांव के बाहर खेतों की तरफ ग्रामीणों ने आम के पेड़ पर दोनों किशोरों के शव एक ही डाल पर लटके देखे तो परिजनों को सूचना दी। जानकारी होते ही परिजनों के साथ आसपास के सैकड़ों लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष सतीश यादव ने शवों को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
सीओ भरथना चंद्रपाल सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। थानाध्यक्ष सतीश यादव ने बताया कि फांसी का कोई स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। परिजन यदि तहरीर देंगे तो पुलिस जांच करेगी।
मां और बहन ने जताई हत्या की आशंका
महुआ नगरिया गांव में संदिग्ध हालात में किशोरों के शव फंदे से लटके होने के मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। जिस तरह शवों पर खासकर पैरों में चोटों के निशान पाए गए, उसको लेकर ग्रामीण तरह-तरह की चर्चा करते दिखे। वहीं एक ही डाल पर दोनों के शव लटके होने और एक ही तरह की रस्सियां फांसी के लिए प्रयुक्त होने से भी घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है। वहीं आकाश यादव की मां और बहन हत्या की बात कहकर बिलख रही थीं। ग्रामीणों का कहना था कि शवों पर चोट के निशान कहीं न कहीं अन्य कारणों की तरफ इशारा कर रहे हैं। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्रित किए। शव पेड़ पर काफी ऊंचाई पर लटके हुए थे और एक ही डाल पर आसपास दोनों के शव झूल रहे थे। दोनों के मोबाइल भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं।
रातभर बजती रही छात्रों के मोबाइल पर घंटी
किशोरों की साइकिल पास के ही कनकुआ गांव में मिली है। परिजनों का कहना है कि दोनों घर से हंसकर निकले थे, दोनों के चेहरों पर कोई तनाव नहीं था। फांसी लगाए जाने का भी कोई पर्याप्त कारण अभी तक निकलकर नहीं आया है। दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति भी कुछ खास नहीं है। जहां अंकुल कमल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था तो आकाश यादव चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। शाम को घर न आने पर उनके मोबाइल पर कॉल की गई थी, लेकिन किसी का फोन रिसीव नहीं हुआ। इस पर देर रात मोहल्ले के लोग भी फोन करते रहे तो एक का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया, जबकि दूसरे पर बराबर घंटी जाती रही। अब दोनों मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
एक व्यक्ति ने आकाश के घर आकर दिया था उलाहना
इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के छात्रों के संदिग्ध हालात में फांसी से लटके मिलने के मामले में कई तथ्य निकलकर सामने आ रहे हैं। घटना से दो-तीन दिन पहले आकाश कमल के घर पर उलाहना देने के लिए एक व्यक्ति आया था। इसकी जानकारी आकाश की मां बबली उर्फ अनुराधा ने दी। उसने बताया कि उस व्यक्ति ने धमकी भरे स्वर में लड़के के चाल-चलन को सुधार लेने को कहते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। उनका आरोप है कि उसी व्यक्ति ने पुत्र की हत्या करके शव को पेड़ से लटका दिया। वहीं उलाहना की जानकारी आकाश के परिवार ने अंकुल के परिवार को नहीं दी थी। अंकुल की बहन कल्पना का कहना है कि उन्हें उलाहना की कोई जानकारी नहीं थी, यदि होती तो वह नजर रखते।
फोटो संख्या 02 आकाश कमल फाइल फोटो- फोटो : ETAWHA
फोटो संख्या 03 घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़- फोटो : ETAWHA
फोटो संख्या 04 रोते-बिलखते परिवारीजन- फोटो : ETAWHA
फोटो संख्या 05 मौके पर मौजूद पुलिसबल व ग्रामीण- फोटो : ETAWHA