फाइलेरिया से मुक्ति के लिए सरकार की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक जिले के 16 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। 1630 टीमें घर-घर पहुंचकर दवा खिलाएंगी।
सीएमओ डॉ. रवींद्र सिंह यादव ने बताया कि फाइलेरिया क्यूबलेस मच्छर के काटने से होता है। ये मच्छर गंदे पानी में पनपता है। पहले चरण में 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक शहर इटावा, ब्लॉक जसवंतनगर, महेवा, बसरेहर तथा भरथना में दवा खिलाई जाएगी। दूसरे चरण में 16 से 24 दिसंबर तक ब्लॉक सैफई, बढ़पुरा (उदी), चकरनगर, तथा ताखा ब्लॉक में फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी। दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी।
2 से 5 साल तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली 100 ग्राम की तथा एल्बेंडाजोल की एक गोली 400 ग्राम की खिलाई जाएगी। इसी प्रकार 5 से 15 वर्ष तक बच्चों को डीईसी की दो गोली 200 ग्राम की तथा एल्बेंडाजोल की एक गोली 400 ग्राम की तथा 15 वर्ष से ऊपर तक के लोगों को डीईसी की तीन गोली 300 ग्राम तथा एल्बेंडाजोल की एक गोली 400 ग्राम की खिलाई जाएगी।
टीम के सदस्य सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक घर-घर पहुंचकर अपने सामने परिवार के स्वस्थ्य लोगों को दवा खिलाएंगे। दवा खाने के बाद किसी को चक्कर आते हैं उल्टी अथवा घबराहट होती है तो परेशान होने की जरूरत नहीं हैं। ऐसा होने पर समझ लें कि दवा खाने वाले व्यक्ति के शरीर में माइक्रोफाइलेरिया मौजूद है।
दवा खिलाने के लिए 1630 टीमें और निगरानी के लिए 280 लोग लगाए गए हैं। एसीएमओ डॉ. बीएल, डिप्टी सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास, डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश यादव तथा डिप्टी सीएमओ डॉ. महेश चंद्रा को नोडल अधिकारी बनाया गया है।