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मीटर का लोड बढ़वा लो नहीं दर्ज होगा मुकदमा....

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इटावा। बिजली के उपभोग के अनुसार मीटर का लोड खुद बढ़वा लो नहीं तो बिजली विभाग मुकदमा दर्ज करा देगा। विभाग ने पिछले तीन महीने की रीडिंग से चार हजार से अधिक ऐसे उपभोक्ता चिह्नित किए हैं जिनकी खपत 30 यूनिट से भी कम आ रही है। इसके अलावा कुछ ऐसे उपभोक्ता भी नजर में हैं जिनकी आलीशान कोठियों में कई कई एसी लगे हैं लेकिन मीटर एक से दो किलोवाट का ही लगवाए हैं। विभाग ओवर लोडिंग चेक करने के लिए जल्द ही बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है।
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शहर में 52460 बिजली के कनेक्शन हैं। इनमें से एक से दो किलोवाट के मीटरों की संख्या करीब 88 फीसदी है। इनमें ज्यादातर घरों में निर्धारित क्षमता से लोड कहीं ज्यादा है। 4475 घर तो ऐसे हैं जहां हर महीने 30 यूनिट से भी कम बिजली की खपत मीटर दिखा रहा है। इतनी खपत केवल उन घरों में संभव है जहां एक एलईडी बल्ब और एक पंखा चलता हो। अधिक लोड के बावजूद कम खपत बताने वाले घरों की विभाग ने सूची तैयार कर ली है। विभाग की टीम ऐसे घरों पर जाकर पूरा लोड चेक करेगी और अगर अधिक लोड मिला तो लोड बढ़ाने के साथ बिजली चोरी का मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। शनिवार को जेई विनोद कुमार की अगुवाई में स्टेशन रोड से ऐसी सूची लेकर चेकिंग की शुरुआत हुई थी। हालांकि भाजपा नेता राजेंद्र गुप्ता के भगवती लॉज पर हुए विवाद के बाद चेकिंग आगे नहीं बढ़ पाई। जेई विनोद ने बताया कि बिजली उपभोक्ता राजेंद्र गुप्ता के एक किलोवाट के कनेक्शन पर लगातार बेहद कम यूनिट की खपत बिलों में पाई गई। कई अन्य ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार हुई है। जिनके यहां बिजली की खपत चेक की जाएगी।

एक से दो किलोवाट के उपभोक्ता सर्वाधिक
शहरी क्षेत्र में कुल 52460 बिजली कनेक्शनधारकों में सर्वाधिक एक से दो किलोवाट के 46112 कनेक्शन हैं। तीन से चार किलोवाट के 4881 कनेक्शन, पांच से नौ किलोवाट के 846 और दस किलोवाट व उससे ऊपर के 521 कनेक्शन हैं। नगरीय क्षेत्र के एक्सईएन राहुल बाबू ने बताया कि दो किलोवाट तक कनेक्शन पर ही सबसे ज्यादा चोरी से बिजली का उपयोग हो रहा है। 4475 कनेक्शन ऐसे पाए गए हैं। जिनके बिलों में 30 यूनिट से कम बिजली खपत आ रही है। ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर ली गई है। टीमें चेकिंग के दौरान उनके यहां बिजली की खपत चेक करेगी। एक्सईएन राहुल बाबू ने बताया कि एक या दो किलोवाट के कनेक्शन पर एसी चल रहे हैं। जबकि सिर्फ एक टन के एसी से डेढ़ किलोवाट, डेढ़ टन के एसी से दो किलोवाट और दो टन के एसी से करीब ढाई किलोवाट विद्युत भार पड़ता है। विंडो एसी से स्पिलिट एसी अधिक भार डालता है। उन्होंने कहा कि लाइन लॉस कम करने के लिए संसाधन बढ़ना जरूरी है। संसाधन तभी बढ़ेंगे, जब उपभोक्ता लोड बढ़वाएंगे। उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता निर्धारित लोड अधिक खपत कर रहे हैं। वह लोड बढ़वा लें। अन्यथा चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज होगी।
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जिले में करीब 20 प्रतिशत बिजली, चोरी से इस्तेमाल हो रही है। इनमें बगैर कनेक्शन लिए लोग कटिया डालकर बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। जो ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा है। जिनके लिए सौभाग्य योजना चलाई गई। निशुल्क कनेक्शन दिए गए। शहरी क्षेत्र में कनेक्शन धारक मीटर को बाईपास करके यानी एक अन्य केबल के जरिये बिजली चोरी कर रहे हैं। जिस वजह से खपत के मुताबिक मीटर में यूनिट नहीं आ रहे हैं।
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