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कर्मचारियों ने लाठी डंडों से हांककर गोशाला पहुंचाए गोवंश

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इटावा। डीएम के सख्त तेवर का असर रविवार को ऊसराहार में देखने को मिला। तमाम कर्मचारी सैकड़ों गोवंशों को लाठी डंडों से हांकते हुए गोशाला पहुंचाते दिखे। डीएम जेबी सिंह ने दो दिन पूर्व ही चेतावनी दी थी कि 20 मार्च के बाद कोई भी छुट्टा गोवंश सड़कों पर विचरते नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए सीडीओ राजा गणपति आर ने संबंधित एसडीएम व बीडीओ पर कार्रवाई किए जाने की बात कही थी।
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ताखा क्षेत्र में कई महीनों से 1000 से अधिक गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। परेशान किसानों की गुहार के बाद भी गोवंशों को गोशालाओं में पहुंचाया नहीं जा रहा था। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों भी हवा हवाई हो रहे थे। ताखा तहसील क्षेत्र में एक भी गोवंश गोशाला में नहीं पहुंचा था। इस स्थिति को देखते हुए दो दिन पूर्व जिलाधिकारी जेबी सिंह ने बैठक कर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 20 मार्च तक सड़कों पर घूम रहे गोवंश को हर हालत में गोशालाओं में पहुंचाने के निर्देश दिए थे।

इस कड़े निर्देश का असर रविवार की सुबह ऊसराहार कस्बे में दिखा। ताखा ब्लॉक के कर्मचारी हरकत में आ गए। सहायक विकास अधिकारी योगेंद्र यादव व सुरेश सैनी एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अनुज श्रीवास्तव, अलक्षेंद्र कुमार आदि तमाम ब्लाक के कर्मचारी व सफाई कर्मचारी ऊसराहार पहुंचे। जहां तिराहे के समीप थाना परिसर के सामने बने मैदान में लगभग सौ गौवंश विचरते मिले। इन सभी को लाठी डंडों से घेरकर मुरचा टाडेहार की गोशाला में जाकर छोड़ा गया। इसके लिए कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान ब्लॉक के सभी कर्मचारी लाठी डंडे लेकर सड़कों पर गोवंशों को घेर कर गोशाला पहुंचाने के काम में लगे रहे। इस काम में ग्राम प्रधान भरतपुर खुर्द राजीव गुप्ता, रूद्पुर के प्रधान प्रतिनिध नीलेश कुमार ने भी ग्रामीणों के साथ गोवंशों को गोशाला पहुंचाने में सहयोग किया।
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एडीओ पंचायत योगेंद्र कुमार ने बताया समथर की गोशाला में लगभग डेढ़ सौ, बनी हरदू ग्राम पंचायत की टकपुरा गोशाला में 50 से अधिक एवं मुरचा टाडेहार की गोशाला में लगभग 100 गौवंशों को पहुंचा दिया गया है। सभी गौवंशों की देखरेख के लिए उसी पंचायत से एक-एक कर्मचारी भी तैनात कर दिया गया है। तैनात कर्मचारी को पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। गोवंशों के भोजन के लिए उक्त गोशालाओं में भूसा आदि की व्यवस्था भी कर दी गई है। उन्होंने बताया दो दिन के अंदर अन्य गोशालाओं में भी सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को पहुंचा दिया जाएगा।
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