फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केन्द्रीय दल ने स्वच्छता को लेकर गली-मोहल्लों का किया सर्वे

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

इटावा। नगर पालिका परिषद इटावा स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के सर्वे में इटावा किस पायदान पर रहेगा, इसको लेकर रविवार को तीन सदस्यीय केंद्रीय दल ने शहर के गली-मोहल्लों में पहुंचकर लोगों से साफ सफाई के बारे में उनके विचार जाने।

स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत भारत सरकार देश के 4041 शहरों में 4 जनवरी से सफाई व्यवस्था का सर्वेक्षण करा रही है। भारत सरकार की टीम ने इटावा शहर का सर्वे किया। सर्वे टीम ने लोगों से छह प्रशभन पूछे। पिछले वर्ष इटावा को स्वच्छता मे 336वां स्थान मिला था।
विज्ञापन


रविवार को जनता से फीड बैक लेने के लिए तीन सदस्यीय टीम में वरिष्ठ मूल्यांकन अधिकारी पवन कुमार, जूनियर मूल्यांकन अधिकारी मनोज कुमार मुख्य रुप से शामिल रहे। टीम ने सती मोहल्ला, नौरंगाबाद, चौगुर्जी इत्यादि क्षेत्रों में घंटों घूमकर साफ सफाई का जायजा लेते हुए जनता से भी उनकी राय ली।

गौरतलब हो सर्वे टीम सेटेलाइट के जरिये मिल रहे निर्देश के तहत गली मोहल्लों में पहुंच रही थी। उपरोक्त स्थानों के बाद टीम को पुरविया टोला में सर्वे करना था, लेकिन पुरविया टोला पहुंचने के बाद गाड़ी से उतरने से पूर्व टीम किसी अन्य स्थान का सर्वे करने चली गई।
इन प्रशभनों में आपका शहर स्वच्छता रैकिंग के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में भाग ले रहा है। हां कहने पर 175 अंक मिलेंगे और नहीं कहने पर कोई अंक नहीं मिलने का उल्लेख किया गया है। दूसरा सवाल पिछले साल के मुकाबले आपका क्षेत्र साफ है। कोई शिकायत नहीं है कहने पर 175 अंक, पिछले साल से बेहतर कहने पर 135 अंक, तीसरे प्रश्न क्या आपने सार्वजनिक क्षेत्रों में कूड़े के डिब्बों का उपयोग शुरू कर दिया है। बहुत ज्यादा कहने पर 150 अंक, चौथे प्रश्न क्या आप इस वर्ष अपने घर से अलग-अलग कचरा एकत्र करने की व्यवस्था से संतुष्ट हैं।

पिछले साल की तुलना में ज्यादा बेहतर या कोई शिकायत नहीं कहने पर 175 अंक, पांचवां प्रश्न पिछले वर्ष के मुकाबले मूत्रालय/शौचालयों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है, जिसे शहर में खुले में पेशाब/शौच कम हो गया है। बहुत ज्यादा कहने पर 150अंक, छठा प्रश्न सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालय अब अधिक साफ और सुलभ हैं।
विज्ञापन


बहुत ज्यादा कहने पर 175 अंक तथा थोड़ा सुधार हुआ है कहने पर 135 अंक मिलने का उल्लेख किया गया है।

गौरतलब हो कि सर्वे टीम के सदस्यों ने यह कार्य गोपनीय तरीके से किया। सर्वे के दौरान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार भी उनके साथ नहीं थे। हालांकि उनके साथ जो भी सफाई एवं औषधि निरीक्षक अशोक कुमार के अलावा प्रमोद कुमार और मुख्य सफाई निरीक्षक रामानंद भी साथ रहे, लेकिन यह भी केंद्रीय टीम से दूरी बनाकर चल रहे थे। केन्द्रीय टीम के पुरविया टोला से आते ही वापस लौट जाने पर समाजसेवी हरीशंकर पटेल को काफी निराशा हुई।

केंद्रीय दल ने गली-मोहल्लों का किया सर्वे
स्वच्छता संबंधी पूछे सवाल, जवाब के आधार पर मिलेंगे अंक
पिछले वर्ष इटावा को स्वच्छता में मिला था 336वां स्थान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें