इटावा। जिला अस्पताल परिसर में बने कोविड अस्पताल में शुक्रवार को 14 वेंटिलेटर लगा दिए गए। ग्राउंड फ्लोर से दूसरी मंजिल में बने वार्ड तक ऑक्सीजन लाइन बिछाई गई है। अधिकारियों का कहना था कि शुक्रवार रात या शनिवार सुबह तक वेटिलेटर पूरी तरह काम करने लगेंगे। तीन वर्ष से कमरे में बंद रखे वेंटिलेटरों वार्ड में लगवाने के लिए अमर उजाला अभियान चलाया, इससे अधिकारियों की नींद टूटी और वेंटिलेटर लगा दिए गए।
महिला अस्पताल में करीब तीन वर्ष पहले वेंटिलेटर आए थे। तब से एक कमरे में बंद रखे थे। जिले में कोरोना मरीज मिलने के बाद महिला अस्पताल में एल-टू अस्पताल बनाया गया था लेकिन वेंटिलेटर नहीं लगाए गए थे। संक्रमण के दूसरा चरण में कई मरीजों की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन की नींद नहीं टूटी तो अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। तत्कालीन सीएमओ डॉ. एनएस तोमर ने कमरे से कमरे से वेंटिलेटर निकलवाए लेकि फिर उन्हें कमरे में रखवा दिया गया।
डॉ. तोमर का तबादला होने पर तीन मई को आए नए सीएमओ डॉ. भगवान दास ने एक-दो दिन में वेंटिलेटर चालू कराने का दवा किया। इसके बाद वेंटिलेटर नहीं लगाए गए। इसके बाद अमर उजाला ने फिर खबर प्रकाशित की। इस पर प्रशासन ने शुक्रवार को वेंटिलेटर कोविड वार्ड में लगवा दिए हैं। शुक्रवार को सदर विधायक सरिता भदौरिया अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचीं थीं। उन्होंने भी वेटिंलेटर चालू न होने पर सीएमओ से नाराजगी जताई। कहा कि रात तक हर हाल में वेंटिलेटर चालू करा दिए जाएं।