फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

14 महादानियों ने किया रक्तदान, बचाई औरों की जान

विज्ञापन
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान करने के बाद एनसीसी स्टाफ - फोटो : ETAWAH
विज्ञापन
इटावा। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान की कमी को लेकर अमर उजाला की ओर से लगातार चलाई जा रही मुहिम रंग लाने लगी है। बुधवार को एनसीसी बटालियन के स्टाफ व कैडेटों ने रक्तदान किया। ब्लड बैंक को 14 यूनिट रक्त मिला। तीन बैंक कर्मियों ने भी रक्तदान किया।
विज्ञापन

बटालियन के सीओ देवेंद्र सिंह ने रक्तदान किया। साथ ही लोगों से स्वेच्छापूर्वक आकर रक्तदान करने की अपील की। जिससे कि जरूरत पर खून दूसरों के काम आ सके।
इसी क्रम में एनसीसी यूनिट स्टॉफ रघुराज सिंह ने रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान से किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। लोगों को आगे बढ़कर समाज हित में रक्तदान जरूर करना चाहिए।
रक्तदान कार्य में लैब टेक्नीशियन अर्जुन सिंह समेत अन्य स्टाफ ने सहयोग प्रदान किया।
ब्लड बैंक की काउंसलर रजनी ने बताया वर्तमान में ब्लड बैंक में 27 यूनिट ब्लड है। बुधवार को शिविर में 14 एनसीसी कैडेट व यूनिट स्टाफ के अतिरिक्त तीन बैंक कर्मचारियों ने रक्तदान किया।
विज्ञापन

कोई भी व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान करने के लिए 8896058219 फोन नंबर पर संपर्क कर जिला अस्पताल में रक्तदान कर सकता है।
रक्तकोष प्रभारी डा. सुशील कुमार ने बताया ब्लड बैंक से थैलेसीमिया, हेमोफीलिया, एड्स पीड़ितों, लावारिस मरीजों, बीपीएल कार्डधारकों, दिव्यांगों, जेल कैदी, गर्भवती (जननी सुरक्षा योजना), इमरजेंसी केस के लिए बिना एक्सचेंज रक्त उपलब्ध कराया जाता है।
बताया रक्तदान करने से न कोई कमजोरी आती है, और न ही शरीर को नुकसान होता है, बल्कि रक्तदान से शरीर को कई लाभ होते हैं।
तीन माह में कर सकते हैं रक्तदान
- लोग हर तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकते हैं। इससे खून में आयरन की मात्रा ठीक बनी रहती है और हृदय संबंधी रोग भी दूर होते हैं। रक्तदान से स्ट्रोक व हार्ट अटैक से भी बचाव होता है।
-रक्तदान से वजन घटाने में भी मदद मिलती है। एक बार ब्लड डोनेट करके 650-700 कैलरी घटा सकते हैं। कैलरी घटने से वजन भी कम होता है।
- ब्लड डोनेशन से मानसिक संतुष्टि भी मिलती है। डोनेट किए गए ब्लड व प्लेटलेट्स से कई लोगों को नव जीवन मिलता है जिससे खुशी और मानसिक संतुष्टि का अहसास होता है।
- ब्लड डोनेशन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। जिससे कई रोगों से लड़ा भी जा सकता है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एमएम आर्या ने कहा है कोई भी संस्थान स्कूल, कालेज अपने यहां स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए जिला अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं। अपील की कि जो लोग स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहते हैं वह जिला अस्पताल आकर रक्तदान कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें