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लॉयन सफारी क्षेत्र में बनेगा 132 केवीए का सबस्टेशन

Tue, 05 May 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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शहर के उपभोक्ताओं को आए दिन होने वाले शट डाउन तथा ब्रेक डाउन से निजात दिलाने के लिए लॉयन सफारी क्षेत्र में 132 के वीए के  विद्युत सबस्टेशन निर्माण का प्रस्ताव ट्रांसमिशन इकाई ने तैयार किया है।
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इस पर करीब 30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बिजली विभाग ने भूमि के लिए डीएम को डिमांड भेजी है। जून 15 के अंत तक भूमि उपलब्ध होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री के गृह जिला इटावा को वीआईपी का दर्जा प्राप्त है और तभी शासन से उसे 24 घंटे बिजली सप्लाई देने के आदेश हैं। हालांकि कई तकनीक कारणों से शासन की मंशा के अनुसार जिले को सप्लाई नहीं मिल पा रही है।

तीन माह पहले मुख्यमंत्री के  ऊर्जा सलाहकार के दौरे के दौरान भी अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा था। इस पर ऊर्जा सलाहकार ने लॉयन सफारी क्षेत्र में एक विद्युत 132 केवीए का सब स्टेशन बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया था। इस पर ट्रांसमिशन इकाई ने करीब 30 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है।
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बिजली विभाग ने सबस्टेशन के निर्माण हेतु डीएम से साढ़े तीन एकड़ भूमि की डिमांड भी क ी है।  वर्तमान में शहर के सभी 11 सब स्टेशनों को 132 केवीए के  कुनैरा सब स्टेशन से सप्लाई मिलती है। रेलवे लाइन को पार करने के लिए केबल डाली गई है। कई बार यह डैमेज हो जाने से शहर को बिजली की निर्बाध सप्लाई देने में परेशानी खड़ी हो जाती है।

इसके अलावा लंबी लाइन होने के कारण आंधी के दौरान फाल्ट हो जाने के कारण भी शट डाउन और ब्रेक डाउन लेना होता है। लॉयन सफारी क्षेत्र में 132 केवीए का सबस्टेशन बनने के बाद इससे अन्य 33/11 के बिजली घरों को बिजली मिलने लगेगी और कुनैरा पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।

राजा का बाग सबस्टेशन नहीं हो पा रहा चालू
राजा का बाग पर 33/11 केवीए का सब स्टेशन बन कर तैयार हो चुका है लेेकिन 132 केवीए के कुनैरा सब स्टेशन के ओवर लोड होने के कारण यह चालू नहीं हो पा रहा है।

विभाग के अधिकारियाें का कहना है कि एक 132 केवीए के सब स्टेशन से पांच या छह 33/11 की लाइनेें ही निकाली जा सकती है। एक ओर लाइन निकालने की क्षमता न होने के कारण ही राजा का बाग सब स्टेशन चालू नहीं हो पा रहा है।

एक बनकर तैयार, दो पर काम चालू
बिजली वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सब स्टेशनों का होना जरूरी है। जिले में तीन 132 केवीए के  सब स्टेशन स्वीकृत हुए हैं। इनमें से रायनगर का तो बनकर तैयार भी हो चुका है जबकि ताखा और चकरनगर में निर्माण कार्य चल रहा है। साल के अंत तक दोनों के चालू होने की संभावना है।
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