इटावा। इटावा सफारी पार्क के बफर क्षेत्र में 10 जनवरी से अंदर घुसा तेंदुआ अभी भी सिरदर्द बना है। तेंदुए को पकड़ने की सारी कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। बफर क्षेत्र में घना जंगल और ऊबड़ खाबड़ रास्तों के कारण सीसीटीवी एवं ड्रोन कैमरों से निगरानी भी तेंदुआ को नहीं ढूंढ सकी है। सफारी प्रशासन ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए अब नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। अभी तक सिर्फ एक पिजड़ा लगाया गया था। अब पिचड़ों की संख्या बढ़ाकर तीन कर दी गई है। हर संभावित उस क्षेत्र को कवर किया गया है जहां तेंदुए की चहलकदमी हो सकती है।
10 जनवरी को मैदानी क्षेत्र से एक तेंदुआ सफारी पार्क के बफर क्षेत्र में घुस गया है। दो दिन तक तेंदुआ चहलकदमी करता रहा परंतु किसी को इसकी भनक नहीं लगी। 13 जनवरी को तेंदुआ ने एक नील गाय को मार डाला। बफर क्षेत्र में नील गाय के मरने पर सफारी प्रशासन चौकन्ना हुआ। खोजबीन की गई तो तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में पकड़ा गया। एक बार सीसीटीवी कैमरे में आने के बाद तेंदुआ दूसरी बार अभी तक कैमरों की जद में नहीं आया है। वहीं सचल एवं स्थायी कुल छह दल उसकी खोजबीन में लगे हैं। पशु चिकित्सकों की टीम भी हर समय तैयार रहती है। तेंदुआ को पकड़ने के लिए बुधवार से तीन पिंजरे लगाए गए हैं। पिंजरों के अंदर बकरी भी बांधी गई है जिससे तेंदुआ किसी तरह से बचने न पाए। इटावा सफारी पार्क के निदेशक पीपी सिंह ने बताया कि प्रयास चल रहे हैं। सफलता भी जरूर मिलेगी।