अलीगंज में घटना स्थल पर मौजूद पुलिस और गमगीन खड़े अंकित के परिजन। संवाद
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एटा। पुलिस-प्रशासन और ग्रामीण तीन घंटे तक अंकित को मिट्टी से बाहर निकालने के लिए लगे रहे। उसे बाहर भी निकाला गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। युवक की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। इस दौरान खोदाई में तीन जेसीबी लगाई गई थी। लॉकडाउन होने के कारण कुछ दिन पहले ही अंकित दिल्ली घर लौटा था। लोगों का कहना है कि उसे मौत ही यहां खींच कर लाई थी।
थाना नयागांव क्षेत्र के गांव नगला भग्गू निवासी 26 वर्षीय अंकित सुबह करीब साढ़े आठ बजे खेतों पर बोरवेल में लगी ईंटों को निकालने पहुंचा। वह जैसे ही ईंट निकालने बोरवेल में घुसा बालूई मिट्टी की ढाय गिर गई और अंकित इसमें दब गया। इसकी सूचना गांव में आग की तरह फैल गई।
जानकारी होने पर नौ बजे करीब मौके पर पहुंच थाना प्रभारी पंकज मिश्रा ने स्थिति भांपी और उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जेसीबी मंगाकर खोदाई शुरू कराई गई। थोड़ी ही देर में सीओ अलीगंज अजय भदौरिया, थाना प्रभारी नयागांव योगेंद्र शर्मा, अग्निशमन अधिकारी राहुल गौतम भी पहुंच गए।
ग्रामीणों ने बोरवेल तक रास्ता बनाया। युवक को बाहर निकालकर एंबुलेंस से सीएचसी जैथरा भेजा गया, यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अंकित लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से घर लौटा था। उसे यहां उसकी मौत खींच कर लाई थी।