नोट बंदी को लेकर राजनीतिक दल भले ही विरोध के सुर बोल रहे हों, लेकिन जनता सब समझ रही है। गुरुवार को समाजवादी पार्टी के धरने में इसकी बानगी नजर आई। धरने में शामिल होने पहुंचे एक बुजुर्ग ने माइक पर पहुंचकर केंद्र सरकार के फैसले की सराहना कर दी। इसके बाद सपा नेताओं में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बुजुर्ग को माइक से हटाया गया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया गया।
गुरुवार को समाजवादी मजदूर सभा के बैनर तले कचहरी स्थित धरना स्थल पर नोट बंदी के खिलाफ धरना आयोजित किया गया था। इस दौरान बन ठन कर पहुंचे सपा नेता केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ गरज रहे थे। इतने में भीड़ में बैठे एक बुजुर्ग ने माइक पकड़ा और कहा कि ये सब तुमको गुमराह कर रहे हैं। मोदीजी ने एक दम सही फैसला किया है। जिन पर कालाधन है, उन सबकी पोल खुल जाएगी। बुजुर्ग का इतना कहना था कि सपाइयों के चेहरे लटक गए। आनन-फानन में सपा नेताओं ने बुजुर्ग को माइक से हटाया और धरने को दोबारा शुरू किया। मामले की जानकारी होने पर एसडीएम रवि प्रकाश श्रीवास्तव और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इसके बाद सपाइयों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर धरना समाप्त किया। मामले को लेकर जिला सचिव राजू यादव से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि बुजुर्ग विपक्षी पार्टी की विचार धारा के थे। उनको धरने में किसी कार्यकर्ता ने आमंत्रित किया था। सबकी अपनी-अपनी सोच है और अभिव्यक्ति है। मगर नोटबंदी से दिक्कतें बढ़ी हैं।
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किसान नहीं कर पा रहे बुवाई
धरने के दौरान जिलाध्यक्ष अशरफ हुसैन ने कहा कि बैंकों पर लाइनें लग रही हैं। किसान परेशान हो चुके हैं। गेहूं का सीजन होने के चलते बुवाई नहीं की जा रही है। ऐेसे में सरकार का फैसला गलत है। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख वजीर सिंह यादव, जिला सचिव राजू यादव, कैलाश यादव, परवेज जुबैरी, धीरेंद्र सिंह यादव, शाहिद अली, राजाराम यादव, राजवर्धन बिसारिया, भूपेंद्र प्रजापति मौजूद रहे।