अवागढ़। नगर में बृहस्पतिवार सुबह से ही माहौल भक्ति मय देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय संत एवं कथावाचक चिन्मयानंद महाराज के सानिध्य में श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व 1111 कलश के साथ यात्रा निकाली गई। इसके लिए पूरे नगर को तोरण द्वारों, गुब्बारों, फूलमालाओं से सजा दिया गया। वहीं सभी महिला-पुरुष पीले वस्त्रों में दिखाई दे रहे थे। कई स्थानों पर समाज सेवियों द्वारा फलाहार, कोल्ड ड्रिंक, शरबत, पानी आदि की व्यवस्था की गई थी।
नगर के उद्योगपति धर्मेंद्र गुप्ता, रेखा गुप्ता द्वारा टूंडला मार्ग स्थित पचौरी गेस्ट हाउस के बराबर मैदान में भागवत कथा का आयोजन कराया जा रहा है। चिन्मयानंद महाराज के सानिध्य में कलश यात्रा कई झांकियों और बैंड-बाजों के साथ खंड विकास कार्यालय से आरंभ की गई। बारहद्वारी, मैन बाजार, अखाड़ा चौराहा, गारमेंट बाजार, रोडवेज तिराहा होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। जहां मंदिर दाऊजी महाराज के महंत विश्वदीप उपाध्याय ने सभी कलश को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ स्थापित कराया। लोगों ने कलश यात्रा तथा कथावाचक का जगह-जगह पुष्प वर्षा एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया।
कलश यात्रा में नगर एवं क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से आए हजारों महिला-पुरुषों ने सहभागिता की। सभी आगंतुकों के लिए सामूहिक भोज की व्यवस्था आयोजक द्वारा की गई। देवेंद्र गुप्ता, अनिल गुप्ता, मुनेश गुप्ता, ऋषि गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, निशू गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, हीरेश यादव, शिशुपाल सिंह यादव कल्लू आदि थे।
केवल भोग नहीं है हमारे जीवन का लक्ष्य
श्रीमद्भागवत कथा में चिन्मयानंद बापू ने कहा कि हमारे जीवन का लक्ष्य केवल भोग नहीं है। ईश्वर ने बड़े भाग्य से हमें मानव तन दिया है, इसको अच्छे कार्यों में लगाएं। मानव सेवा धर्म की रक्षा करने में लगानी चाहिए। मानव तन का लक्ष्य है मोक्ष, मुक्ति। भागवत हमें भोग भी देती है और मोक्ष भी। जिस कुल में एक बार भागवत कथा हो जाती है उस कुल की 21 पीढ़ियां धन्य हो जाती हैं। भगवान की कथा को कामधेनु कहा गया है, जैसा आप मांगे वैसा ही मिलेगा।
एक महिला की चेन हुई गायब
कलश यात्रा के दौरान हजारों की भीड़ उत्साह के साथ बढ़ रही थी, लेकिन इस भीड़ का फायदा उठाने के लिए अराजकतत्व भी पहुंच गए। भले ही कानून और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन अराजक तत्वों ने भीड़ व धक्का-मुक्की का फायदा उठाते हुए एक महिला के गले की चेन पार कर दी।