एटा। दक्षिणांचल विद्युत निगम को सरकार ने निजी हाथों में देने का फैसला किया है। इसके बाद से निगम के कर्मी अंदरखाने विरोध जता रहे थे। शनिवार से 72 घंटे का विरोध तय किया था, लेकिन सरकार की सख्ती के चलते सुबह से शाम तक कर्मियों ने कार्य किया। ड्यूटी पूरी होने के बाद नारेबाजी कर निजीकरण का विरोध जताया।
विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार को विरोध में सभाएं करने की बात कही थी। शुक्रवार को ही सरकार ने छह माह के लिए हड़ताल पर रोक का आदेश दे दिया। इसके चलते शनिवार को कर्मियों ने दिनभर कार्यालयाें में काम किया। शाम को ड्यूटी का समय पूरा हुआ तो कार्यालय पर एकत्र होकर निजीकरण के विरोध में नारेबाजी की। कर्मियों का कहना था निजीकरण के परिणाम अच्छे नहीं होंगे। यह कर्मियों के हित में सही नहीं होगा। वहीं जिले में पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। वह विद्युत उपकेंद्रों पर पुलिस बल पहुंचता रहा। जैथरा के बरना विद्युत उपकेंद्र पर करीब 1 घंटे से अधिक समय तक पुलिस बल तैनात रहा। इसके अलावा अन्य विद्युत उपकेद्रों पर भी पुलिस के जवान पहुंचते रहे।