झूठी गवाही देने के मामले में महिला को सात दिन के कारावास की सजा सुनाई गई है। पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है। पुत्री से छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराने के बाद अदालत में महिला इससे मुकर गई थी। अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश एक्सक्लूसिव कोर्ट पॉक्सो एक्ट विपिन कुमार तृतीय के न्यायालय में यह मुकदमा चला था। विशेष लोक अभियोजक संतोष गौतम और प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि थाना मिरहची में 24 अगस्त 2017 को एक महिला ने नगला ख्याली के शेर सिंह के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।
आरोप था कि स्कूल जा रही उसकी 15 वर्षीय पुत्री को रास्ते में रोककर शेर सिंह ने छेड़खानी की और उसको गलत इरादे से मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जा रहा था। अन्य लोगों के आने पर छोड़कर चला गया। बाद में जानकारी मिलने पर महिला आरोपी के घर शिकायत करने गई तो उसके परिजन ने गालीगलौज कर और धमकी देकर भगा दिया। मामले की सुनवाई के दौरान महिला घटनाक्रम से ही मुकर गई।
जिसके चलते शेर सिंह को संदेह का लाभ मिला और वह दोषमुक्त हो गया, लेकिन न्यायालय ने गलत गवाही देने पर महिला के विरुद्ध 24 सितंबर 2021 को मुकदमा दायर कर लिया। इसकी सुनवाई के दौरान महिला ने खुद कबूल किया कि शेर सिंह से समझौता होने पर उसने गलत गवाही दी थी। बुधवार को न्यायाधीश ने महिला को सात दिन के साधारण कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। जुर्माना न देने पर दो दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।