एटा। विषाक्त पदार्थ निगलने से बुधवार को हाथरस की एक महिला की मौत हो गई। मृतका के भाई ने बहनोई सहित अन्य ससुरालीजन पर दहेज के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और विषाक्त पदार्थ खिलाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पूरा मामला गांव बसई थाना सिकंदराराऊ जिला हाथरस का है। महिला को उपचार के लिए परिजन एटा मेडिकल कॉलेज लाए थे।
गांव बाड़ी रामपुर थाना हसायन जिला हाथरस निवासी सतीश चंद्र ने बताया कि बहन प्रीती (25) का विवाह 27 फरवरी 2019 को गांव बसई निवासी गौरव के साथ किया था। सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज भी दिया था। बाद में गौरव व उसके परिजन अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मना करने पर बहन प्रीती को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
बहन इसकी जानकारी अक्सर फोन कॉल के माध्यम से मायके में देती थी। आरोप है कि प्रीती को बहनोई व ससुराल के अन्य लोगों ने 4 अगस्त को विषाक्त पदार्थ खिला दिया और फरार हो गए। हालत बिगड़ने पर आसपास के लोगों ने पीआरवी-112 को कॉल किया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने मायके वालों को सूचना देते हुए महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदराराऊ पहुंचाया। इसके बाद प्रीती को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ ले गए। वहां से सेहत में सुधार होने पर घर ला रहे थे तो मंगलवार को रास्ते में फिर से तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद पिलुआ में दिखाया फिर निधौली कलां ले गए। जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो बुधवार को एटा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए। यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है।
3 वर्ष पूर्व थाने में हुआ था समझौता
सतीश ने बताया कि विवाह के कुछ दिनों बाद ही जब बहनोई गौरव परेशान करने लगा तो बहन ने हम लोगों को बताया। शिकायत पर गौरव व उसके बड़े भाई कौशल किशोर को पुलिस थाने ले गई। वहां इन लोगों ने समझौता करते हुए मकान बनाने के लिए 2 लाख रुपये और घर में सास के नाम से चल रहे कोटा से अनाज देने की बात कही थी। बाद में यह लोग अपनी बातों से मुकर गए। गौरव ने 15 दिन पूर्व ही कस्बा सिकंदराराऊ में बच्चों को पढ़ाने के लिए किराये पर कमरा लिया था। वहीं प्रीति को ले गया लेकिन यहां न रहकर गांव में अपने भाई और भाभी के पास ही रुकता था। आरोप लगाया कि 4 अगस्त को जब प्रीती गांव में गौरव को बुलाने गई तो खेत में धान की रोपाई करवाने को कहा। मना करने पर पीटते हुए विषाक्त पदार्थ खिला दिया।