एटा। सकरौली थाना क्षेत्र के जरानी कलां गांव निवासी एक महिला की प्रसव के एक सप्ताह बाद मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुरालियों और अस्पतालों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
नगला कड़हेरू थाना नारखी जिला फिरोजाबाद निवासी राजा ने बताया कि उसकी बहन दुर्गेश की शादी करीब सात साल पहले जरानी कलां निवासी विशाल के साथ हुई थी। प्रसव पीड़ा होने पर 23 अगस्त को उसे जिला मुख्यालय स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। यहां हालत में सुधार न होने पर 25 अगस्त को आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां 26 अगस्त को ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। नवजात की 29 अगस्त को उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद 2 सितंबर को दुर्गेश ने भी दम तोड़ दिया।
राजा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बहन और नवजात की जान गई। उसने दोनों अस्पतालों के साथ ही बहनोई विशाल और उसके परिजन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले में एटा के निजी क्लीनिक संचालक का कहना है कि दुर्गेश के भाई व अन्य परिजन स्वेच्छा से उसे दूसरे अस्पताल में पहले फिरोजाबाद और बाद में आगरा ले गए। उनकी ओर से लगाए जा रहे सारे आरोप गलत हैं। सीओ जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।