मारहरा। पालिका और ब्लॉक क्षेत्र में एक भी खेल मैदान न होने से खिलाड़ियों की प्रतिभाएं निखरने से पहले ही दम तोड़ रही हैं।
शासन के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत और पालिका क्षेत्र में एक खेल मैदान आवश्यक है। पहले तो खेल मैदान नहीं हैं यदि हैं तो विकसित नहीं हैं। खेल मैदान विकसित न होने के साथ ही खिलाड़ियों को गाइड करने को कोई कोच भी नहीं है।
कस्बे की नगर पालिका कई दशक पुरानी है जिसको चार वर्ष पहले विकसित करते हुए शासन ने आसपास क्षेत्र के कई गांव को इसमें समायोजित किया था।
क्षेत्र बढ़ने के साथ ही व्यवस्थाओं में सुधार न होने से नगरीय क्षेत्र में शामिल हुए गांव की बेकदरी हो रही है। कस्बे और देहात क्षेत्र में खिलाड़ियों की कमी नहीं है।
क्रिकेट, फुटबाॅल, कबड्डी के शौकीन युवक अपनी समझ से खाली मैदान तलाशकर खेलने का अभ्यास करते हैं। टूर्नामेंट में क्षेत्र की अनेक टीम प्रतिभाग करती हैं लेकिन कोच के अभाव में उनके खेल में निखार नहीं आ पा रहा है।