बच्चों की सेहत सुधारने और राष्ट्रीय पोषण मिशन में गड़बड़ी रोकने के
लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने हर
जिला स्तरीय अधिकारी को दो गांवों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपने की योजना
बनाई है। बता दें कि इस योजना के तहत नवंबर में डीएम व सीडीओ ने दो-दो
गांवों को पहले से ही गोद ले रखा है।
राष्ट्रीय पोषण मिशन द्वारा बच्चों
को कुपोषण एवं मृत्यु दर को कम करने के लिए योजना चलाई जा रही है। इसमें
शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों का वजन कराकर पोषण की श्रेणी निकाली
जा रही है। श्रेणी निकालने का कार्य विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किया जा
रहा है। श्रेणी के हिसाब से ही बच्चों को पोषण युक्त आहार दिए जाते हैं।
ताकि बच्चा कुपोषण से बाहर निकल सके और स्वस्थ रह सके।
मिशन में किसी
प्रकार की कोई लापरवाही न हो इसके लिए प्रशासन जिले के हर दो गांवों पर एक
जिलास्तरीय अधिकारी की तैनाती करने की तैयारी कर रहा है। बताते चलें कि
जिले में विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 225 बच्चे गंभीर
कुपोषण और 47513 बच्चे आंशिक गंभीर कुपोषण का शिकार हैं।
एनजीओ को दी जाएगी जिम्मेदारी
अब तक शून्य से पांच साल के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर बस पंजीरी दी
जाती थी। अब जिलाधिकारी की संस्तुति पर एनजीओ व प्राइवेट संस्थाएं बच्चों
को दलिया, खिचड़ी, हलुआ आदि पोषक तत्व परोसेंगी। बताते चलें कि अब तक
आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित की जाने वाली पंजीरी को अधिकांश बच्चे खाने
से भी गुरेज करते थे।
ऐसे निकलती है बच्चों की पोषण श्रेणी
पोषण श्रेणी के लिए डब्लूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) द्वारा ग्रोथ कार्ड
का सहारा लिया जाता है। इसमें शून्य से पांच साल के बच्चे का वजन किया जाता
है। वजन और उम्र के अनुपात से पता लग जाता है कि बच्चा वर्तमान में पोषण
की किस श्रेणी में है। कार्ड में सामान्य, आंशिक गंभीर व गंभीर सहित तीन
श्रेणियां होती हैं।
डब्लूएचओ रिपोर्ट के अनुसार कुपोषण के आंकड़े
कुल बच्चे सामान्य आंशिक गंभीर गंभीर
167545 119816 47513 225
जिलाधिकारी व सीडीओ ने यह गांव लिए गोद
अधिकारी विकास खंड गांव
जिलाधिकारी शीतलपुर गाजीपुर पहोरा
जिलाधिकारी निधौली कलां जावड़ा
सीडीओ निधौली कलां पिलुआ
सीडीओ शीतलपुर असरौली
राष्ट्रीय
पोषण मिशन के तहत जिले में पोषण मिशन योजना चलाई जा रही है। जिलाधिकारी के
निर्देशानुसार इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही व शिकायत मंजूर नहीं की
जाएगी। संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- बीना सोलंकी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार