मंगलवार को हुई बेमौसम बारिश ने कहीं राहत तो कहीं आफत पैदा कर दी है। गेहूं उत्पादक किसान इसे बेहतर मान रहे हैं तो आलू उत्पादक किसान परेशान हैं। उनका मानना है कि यदि बारिश और पड़ी तो आलू के सड़ सकता है। बारिश ने आम जनजीवन को भी प्रभावित किया। बारिश के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
सोमवार को ही आसमान में बादल घिरे हुए थे। सेामवार रात में हल्की हल्की बारिश शुरू हुई जो मंगलवार दोपहर तक जारी रही। बारिश ने पारा और गिरा दिया। इससे गलन बढ़ गई। जगह-जगह सड़कों पर फिसलन रही। बाजार मेें भीड़ कम नजर आई। दुकानें भी देरी से खोले।
सर्कुलर रोड पर भी फिसलन होने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश से गेहूं उत्पादक किसानों के चेहरे खिले हुए थे लेकिन आलू उत्पादक किसानों को अपनी फसल के सड़ने का डर सताने लगा है। सब्जी उत्पादक किसानों को भी बारिश ने राहत दी है। भरगैन के किसान असलम खान ने बताया कि बारिश से जहां गेहूं का दाना मोटा होगा वहीं फसल भी तेजी से बढे़गी। आलू उत्पादक किसान मोहम्मद सलीम ने बताया कि बारिश के कारण आलू की फसल बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है यदि आगे भी बारिश हुई तो खेतों में पानी भरेगा और आलू जमीन के अंदर ही सड़ना शुरू हो जाएगा।
सब्जी उत्पादक किसान जीतू कुश्वाह ने बताया कि बारिश का असर सब्जियों पर पड़ेगा। गोभी, मूली सहित अन्य सब्जियों के लिए यह बारिश संजीवनी है।