एटा। मार्च माह में हुई बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से गेहूं की फसलों को हुए नुकसान के बाद प्रशासन ने राहत प्रक्रिया तेज कर दी है। खेत-खेत सर्वे के आधार पर तैयार रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इसमें कुल 709 किसान मुआवजे के लिए पात्र पाए गए हैं। इन किसानों के खातों में 4 मई तक आर्थिक सहायता राशि मिल सकती है।
ओलावृष्टि के बाद बड़ी संख्या में किसानों ने कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर पर फसल क्षति की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कृषि व राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने लगातार गांव-गांव पहुंचकर खेतों का निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन तैयार किया। उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि पात्र किसानों के दस्तावेज का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। 4 मई तक सभी पात्र किसानों के बैंक खातों में मुआवजा राशि भेज दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि शेष किसानों की सूची तैयार की जा रही है जिसे जल्द ही जारी किया जाएगा। शासन स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि सर्वे के दौरान किसी पात्र किसान को मुआवजे से वंचित न किया जाए और फसल नुकसान का आकलन पूरी निष्पक्षता के साथ किया जाए।