एटा। रबी फसल सीजन में इस बार जिले में गेहूं की खेती का रकबा घटाया गया है। शासन ने पिछले वर्ष की तुलना में गेहूं उत्पादन का लक्ष्य कम निर्धारित किया है। वहीं, फसल चक्र को संतुलित करने के उद्देश्य से जौ, चना, मटर, मसूर, मक्का और सरसों जैसी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इससे जिले में विभिन्न फसलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में 1.08 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष किसानों ने 1,12,841 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बुवाई की थी। इस बार शासन ने गेहूं की खेती के लिए 1,05,704 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष निर्धारित लक्ष्य से 2,296 हेक्टेयर कम है। बताया कि गेहूं के रकबे में कमी के साथ अन्य रबी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
जौ, चना, मटर, मसूर, मक्का और सरसों समेत अन्य फसलों के रकबे में करीब 10 हजार हेक्टेयर की वृद्धि की गई है। इसका उद्देश्य फसल चक्र को संतुलित करना और किसानों को विभिन्न फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।
मनवीर सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष जिले में सभी रबी फसलों की खेती का कुल लक्ष्य 1,97,642 हेक्टेयर था। इस बार इसे बढ़ाकर 2,07,640 हेक्टेयर कर दिया गया है। इस प्रकार रबी फसलों का कुल रकबा करीब 9,998 हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।