जेएस विद्या निकेतन स्कूल अलीगंज
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विद्या निकेतन स्कूल बस फर्जी मान्यता के कागजात पर आरटीओ में रजिस्टर कराई गई थी। फर्जी मान्यता दिलाने में एबीएसए कार्यालय में तैनात एक बाबू का नाम सामने आया है। इसके चलते प्रशासन बाबू के खिलाफ सबूत मिलने पर जेल भेजने की तैयारी कर रहा है। हादसे में आईपीसी की धारा 188 और 420 में नामजद स्कूल प्रबंधक जोगराज सिंह यादव को पुलिस अभीतक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वहीं चर्चा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए स्कूल प्रबंधक कोर्ट में सरेंडर कर सकता है। तीन दिन बाद भी आरोपी प्रबंधक की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवारों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
अलीगंज स्थित विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल बस हादसे में नामजद स्कूल प्रबंधक जोगराज सिंह यादव कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी कर रहा है और अलीगंज पुलिस दबिश में नहीं मिलने पर बहाना बनाकर हवा में तीर चला कर गुमराह कर रही है। इसके चलते पीड़ित परिवारों में तीन दिन बाद भी प्रबंधक की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि स्कूल प्रबंधक जोगराज सिंंह यादव को बीएसए कार्यालय में तैनात एक बाबू ने फर्जी मान्यता के कागजात उपलब्ध कराए थे। उसी फर्जी कागजात पर स्कूल बस का एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हुई थी। सूत्रों का दावा है कि बीएसए कार्यालय ने जांच कर बाबू के खिलाफ जुटाने के निर्देश दिए हैं।
यही नहीं विद्या निकेतन स्कूल प्रबंधक को फर्जी मान्यता के कागजात उपलब्ध कराने वाले बाबू को जेल भेजने की तैयारी कर रहा है। पीड़ित परिवार स्कूल प्रबंधक को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण पुलिस पर गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। एएसपी विसर्जन सिंह यादव का कहना है कि प्रथम दृष्टतया विद्या निकेतन स्कूल के कागजात फर्जी हैं। मामले की कई बिंदुओं से जांच चल रही है। आरोपी जोगराज सिंह की गिरफ्तारी के हर संभव प्रयास चल रहे हैं।