अलीगंज। क्षेत्र के गांव टपुआ में ग्रामीणों ने 25 निराश्रित गोवंश पकड़े। जिन्हें गोशाला पहुंचाने के लिए अफसरों को फोन किए, लेकिन सोमवार को कोई सुनवाई नहीं हुई। दूसरे दिन मंगलवार को भी सरकारी गाड़ी नहीं पहुंची। रात भर गोवंश की चौकीदारी कर सुबह गांववासियों ने चंदा किया और भाड़े की गाड़ी से गोवंश को गांव आजमनगर स्थित गोशाला पहुंचाया।
गांव के अनुराग सिंह, राजू, पुष्पेंद्र यादव, अनोज कुमार, सुरजीत आदि ने बताया कि गांव में आसपास से गोवंश आ गए, जो कुछ दिनों से लगातार परेशान कर रहे थे। खेतों में बोई गई गेहूं की फसल दो-दो बार बर्बाद कर गए। अधिकारियों के स्तर पर जब गोवंश नहीं पकड़े गए तो हम लोगों ने पकड़कर रविवार शाम को गांव के प्राथमिक विद्यालय के सामने एक प्लॉट में बंद कर दिया। सोमवार सुबह पशुपालन विभाग और प्रशासन को इन्हें गोशाला पहुंचाने के लिए खबर दी। पूरा दिन निकलने के बाद भी कोई गाड़ी नहीं आई। जिसके चलते सोमवार रात में भी गोवंश की रखवाली करनी पड़ी। मंगलवार सुबह तक सरकारी प्रयास होता न देख आपस में चंदा किया और भाड़े की गाड़ी की व्यवस्था की।
डिप्टी सीवीओ डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि टीम के साथ वहां पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से गोवंशों को करीब छह किमी दूर आजमनगर स्थित अस्थायी गो आश्रय स्थल पहुंचाया गया। वहीं ग्राम पंचायत कंचनपुर आस के प्रधान रिषी यादव ने बताया कि 8 मादा और 9 नर गोवंश को आश्रय स्थल पहुंचाया गया है। इसमें दो हजार रुपये खर्च हुए, जो चंदे के माध्यम से एकत्रित किए गए। प्रशासन और पशुपालन विभाग की ओर से गाड़ी नहीं मिल सकी। अभी आठ गोवंश और हैं, जिन्हें बाद में पहुंचाने के लिए कहा गया है।