डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे भाजपा नेता
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जिला पंचायत सदस्य के परिणामों को लेकर भाजपा विरोध में उतर आई है। वार्ड संख्या 10 और 12 में गलत ढंग से सपा प्रत्याशी को जिताने के आरोप के बाद सभी वार्डों की मतगणना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा के तीन विधायक सहित अन्य पदाधिकारियों ने देर शाम कलक्ट्रेट में धरना शुरू कर दिया। सभी वार्डों की पुनर्मतगणना कराने की मांग रखी है। देर शाम तक वहां हंगामेदार स्थिति मची हुई थी।
ब्लॉक मुख्यालयों के मतणगना स्थलों से मंगलवार रात भेजे गए अभिलेखों का मिलान कलक्ट्रेट में शुरू कराया गया। बुधवार दोपहर से फैसले घोषित करना शुरू किए गए। वहां पहुंचे संबंधित प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र सौंपे जाने लगे। इस बीच जलेसर क्षेत्र के वार्ड संख्या 10 पर जीत का प्रमाण पत्र सपा प्रत्याशी साधना को प्रदान किया गया। इस पर तुरंत भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र पाल ने विरोध जताया। उनका कहना था कि जो अभिलेख भेजे गए हैं, उनमें कई बूथों का विवरण नहीं है। जिससे उनके मत कम हो गए हैं।
ब्लॉक के मतगणना स्थल पर वह विजयी थे। वहां मौजूद सीडीओ अजय प्रकाश ने उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनी। वार्ड संख्या 12 को लेकर भी इसी तरह की स्थिति पैदा हुई। भाजपा में बात फैली और देरशाम मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी, अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह राठौर, जलेसर विधायक संजीव दिवाकर, भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप जैन, पूर्व एमएलसी प्रत्येंद्रपाल सिंह सहित अन्य कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में डेरा डाल दिया। वहां पहुंची डीएम डॉ. विभा चहल से स्पष्ट कहा कि प्रमाण पत्रों को निरस्त किया जाए और सभी वार्डों की मतगणना दोबारा कराई जाए। साथ ही गड़बड़ करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।