एटा। प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस में जिलाध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। स्थानीय स्तर से नामांकन के बाद उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है। इसमें कई दावेदारों के नामों की छंटनी भी हो चुकी है। घोषणा में हो रही एक-एक दिन की देरी दावेदारों की बेचैनी बढ़़ा रही है।
भाजपा में जिलाध्यक्ष पद के लिए जिला कार्यालय पर 9 जनवरी को नामांकन लिए गए थे। 46 लोगों ने नामांकन कर अपनी दावेदारी पेश की। सभी नामाें को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर पहुंचा दिया गया। पहले चर्चा थी कि मकर संक्रांति तक घोषणा कर दी जाएगी लेकिन अब तक परिणाम नहीं आ सके हैं। जातीय समीकरण पर मामला फंसा हुआ है। पार्टी इस जातीय समीकरण के सहारे एटा और कासगंज के जिलाध्यक्षों को घोषित कर हर वर्ग को साधने का मंथन कर रही है। जनप्रतिनिधियों से समन्वय पर भी ध्यान रखा जा रहा है।
उधर, कांग्रेस जिला कार्यालय पर 6 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया हुई थी। यहां 18 लोगों ने नामांकन किए थे। इनमें से 15 लोग साक्षात्कार के लिए लखनऊ पहुंचे। जबकि अन्य 7 लोगों ने वहां पहुंचकर आवेदन कर दिए। इस तरह 22 लोग पद के दावेदार हाे गए। यहां भी बड़े स्तर पर छंटनी हुई है और अंदरखाने की जानकारी के अनुसार नाम भी तय कर लिया गया है। बस भाजपा की ओर से पहले घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।