अस्पताल सील करते कर्मचारी।संवाद
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एटा। शहर के शिकोहाबाद रोड स्थित जीवक अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को सील कर दिया। इसे बिना पंजीकरण दो साल से चलाया जा रहा था। अस्पताल भाजपा नेत्री सांसद संघमित्रा मौर्या के पति रह चुके नवल किशोर शाक्य सहित पांच लोगों द्वारा किया जा रहा था। डॉ. शाक्य पहले बसपा और बाद में सपा से जुड़े रहे हैं।
अनधिकृत रूप से अस्पताल संचालित होने की शिकायत प्रशासन और सीएमओ को मिल रही थी। बुधवार को डिप्टी सीएमओ एवं झोलाछाप नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार ने टीम के साथ पहुंचकर दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल को सील कर दिया। उन्होंने बताया कि यहां पर 22 बेड पाए गए, चार मरीजों का उपचार चल रहा था। अस्पताल में वेंटीलेटर से लेकर अन्य सुविधाएं अवैध रूप से मुहैया कराई जा रहीं थीं। अस्पताल सील करने से पहले उपचाराधीन मरीजों को सुविधा के अनुसार अन्य अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि अस्पताल का संचालन पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के दामाद रह चुके डॉ. नवल किशोर शाक्य द्वारा किया जा रहा था।
स्वामी प्रसाद की पुत्री संघमित्रा से उनका तलाक 2021 में हो चुका है। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अनाधिकृत रूप से संचालित हो रहे अस्पताल और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को शिकोहाबाद रोड स्थित साक्षी नगर पेट्रोल पंप के सामने मोहल्ला वीरांगना अबंतीवाई नगर पर टीम को भेजा गया। अस्पताल अनधिकृत रूप से संचालित होते मिला, जिस पर कार्रवाई की गई है। नोटिस देकर जवाब भी मांगा गया है।