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यूको बैंक में घोटाला: 34 लोगों ने लगाई करोड़ों की चपत, प्रबंधक के साथ ग्राहक भी फंसे; पुलिस ने दर्ज किया केस

Wed, 05 Mar 2025 06:21 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

पहले ग्राहकों ने शाखा प्रबंधक पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में प्रबंधक पर केस दर्ज करने के साथ निलंबित भी किया गया। आगे मामले की जांच की गई तो बड़ा घोटाला निकलकर आया। इसमें अब कई ग्राहक भी फंसते दिख रहे हैं।

 
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फ्रॉड। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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एटा में यूको बैंक घोटाले में नई-नई बातें सामने आ रही हैं। बैंक प्रबंधक के साथ अब ग्राहक भी फंस गए हैं। कुल मिलाकर 34 लोगों पर अदालत के आदेश से बैंक के सहायक महाप्रबंधक, कानपुर दीपक कुमार ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि सब ने मिलकर लगभग 5.79 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
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दीपक कुमार ने बताया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक अच्युत निवासी निकट बांके बिहारी मंदिर बनवारी नगर कस्बा व थाना छिबरामऊ जिला कन्नौज, तत्कालीन होम लोन डीएसए नीरज निवासी संजय नगर कोतवाली नगर, नेहा और उसका पति अक्षय कुमार निवासी भांमरपुर थाना रिजोर ने 30 ग्राहकों के साथ मिलकर अलग-अलग मौकों पर धोखाधड़ी की।

 

अच्युत के स्थानांतरण के बाद कई ग्राहकों ने शिकायत की तो बैंक की ओर से जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि 17 ग्राहकों के खाते से कुल 8110750 रुपये के बाउचर शाखा में नहीं मिले। इन 17 ग्राहकों में 8 का खाता 12 सितंबर 2024 तक एनपीए हो चुका था। जांच में अच्युत को दोषी पाते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसका उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

 

20 मार्च 2024 को इनको निलंबित कर दिया गया। वहीं अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। आगे की जांच में पता चला कि ग्राहकों की धनराशि और सरकारी सब्सिडी का इन लोगों ने बंदरबांट किया। इन लोगों ने 47577300 रुपये ऋण के उद्देश्य से लेकर अन्य कार्यों में प्रयोग किए हैं। 29 ग्राहकों ने अपने-अपने खातों को एनपीए कर दिया और जानबूझकर सरकारी सब्सिडी पर लोक धन को हड़प लिया। 

 

षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी व आपराधिक विश्वास घात करते हुए अनुचित लाभ प्राप्त किया है। इससे बैंक की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचा है। कुल मिलाकर 57888050 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इससे पहले कई ग्राहकों ने उनके खातों से रुपये निकाल लिए जाने की रिपोर्ट बैंक प्रबंधक व कर्मचारियों पर दर्ज कराई थीं। इसमें पुलिस ने प्रबंधक को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। वर्तमान में वह जमानत पर बाहर हैं। सीओ सिटी अमित कुमार राय ने बताया कि अदालत के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

 
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ये लोग भी बनाए गए हैं आरोपी
- अब्दुल वसीम शेख निवासी 543 रेवाड़ी मोहल्ला।
- मोहम्मद आसिम निवासी पीपल वाली गली न्यू रेवाड़ी मोहल्ला।
- अजीत कुमार निवासी नेहरू नगर।
- अनीता देवी निवासी ग्राम मजराऊ।
- अन्नपूर्णा निवासी दिनेश नगर।
- मोहम्मद असगर दिनेश नगर।
- अवधेश कुमार नवी नगर।
- वीरेश माल गोदाम रोड शांति नगर।
- गौरव यादव मंडी समिति अलीगंज रोड।
- जसवंत निवासी नगला केवल।
- जयप्रकाश निवासी धर्मपुर बरिगवां।
- जितेंद्र कुमार निवासी श्याम विहार कॉलोनी।
- कमलेश कुमार निवासी संजय नगर।
- मंजू निवासी चित्रगुप्त कॉलोनी।
- प्रमोद निवासी चोंचा बनगांव।
- राघवेंद्र सिंह प्रोपराइटर आरएस एंटरप्राइजेज 126 डाक बंगलिया।
- राधारानी साक्षी नगर शिकोहाबाद रोड।
- रनवीर सिंह नगला मनी रुस्तमगढ़ ।
- सचिन बघेल निवासी शिवसिंहपुर ।
- शिल्पी कुमारी निवासी सुनहरी नगर।
- सोहेल सैफी निवासी नगला पोता ।
- उजागर सिंह निवासी नबीनगर वंथल कुतुकपुर ।
- विजय कुमार निवासी यूसुफपुर उर्फ नगला धनी।
- सचिन यादव निवासी नगला धनी।
- विजेंद्र सिंह वर्मा निवासी रानी अवंतीबाई नगर ।
- सुनील कुमार निवासी रानी अवंतीबाई नगर।
- विमलेश कुमार निवासी कोयला थाना मिरहची।
- योगेश कुमार निवासी डांडा शिकोहाबाद रोड ।
- अरुण कुमार निवासी कुनेठा बरौली।
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