परीक्षा केंद्र पर निरीक्षण करते जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह। स्रोत जिला विद्यालय न
एटा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की अंग्रेजी परीक्षा में सोमवार को सेक्टर मजिस्ट्रेट ने दो साल्वरों को पकड़ लिया। वह दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। इससे अन्य परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया। वहीं सचल दल ने एक अन्य केंद्र पर नकल करते हुए एक छात्रा को पकड़ा। सॉल्वर समेत नकल करने वाली छात्रा के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में कड़ी सुरक्षा में होने के दावे किए जा रहे हैं। उसके बावजूद नकल करने वालों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। इतना ही नहीं परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर कक्ष निरीक्षक भी इन्हें नहीं पकड़ पा रहे हैं।
सोमवार को मलावन स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर हाईस्कूल की प्रथम पाली में चल रही अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा के दौरान दो साॅल्वरों को सेक्टर मजिस्ट्रेट नीरज वार्ष्णेय व क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी दिग्विजय सिंह ने पकड़ा। उनके पकड़े जाने से परीक्षा केंद्र समेत अन्य केंद्रों पर हड़कंप मच गया। पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध नकल विरोधी अधिनियम वर्ष 2025 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
नीरज वार्ष्णेय अपनी टीम के साथ मलावन स्थित आरकेएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कक्ष संख्या 12 और 14 में दो परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर संदेह हुआ। शक के आधार पर जब दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो वे घबरा गए और सच्चाई उजागर हो गई। जांच में सामने आया कि पंजीकृत परीक्षार्थी शुभम के स्थान पर नगला काजी का विद्यार्थी परीक्षा दे रहा था।
वहीं कक्ष संख्या 12 में पंजीकृत परीक्षार्थी पवन कुमार के स्थान पर उदयपुर रिजोर निवासी परीक्षार्थी पेपर दे रहा था। दोनों आरोपी फर्जी तरीके से प्रवेश पत्र का उपयोग कर परीक्षा दे रहे थे। मामले की जानकारी मिलते ही परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने तत्काल दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय ने बताया कि प्रथम पाली में अंग्रेजी की परीक्षा के दौरान सचल दल द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा था।
इसी दौरान दोनों संदिग्ध परीक्षार्थी पकड़े गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकल और प्रतिरूपण जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।