एटा। जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के पास ही नर्सिंग स्टाफ के लिए आवास बनाए गए हैं। एक आवास में एक ही परिवार सही तरीके से रह सकता है। वहीं नर्सिंग नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने हर आवास में एक की जगह दो लोगों को रहने का आदेश देते हुए सूची जारी की है।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नियमित स्टाफ के लिए नर्स हॉस्टल बनाया गया है। यहां पूर्व में किए आवंटन को निरस्त करते हुए नए सिरे से आवासों को आवंटित किया गया है। स्टाफ ने नर्सिंग नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक की जगह 2 लोगों को साथ रहने का नया आदेश दिया है। इसकी वजह से सभी लोग परेशान हैं।
नोडल अधिकारी ने आदेश दिया है कि या तो एक आवास में दो लोग रहें या फिर खाली करो। इसके साथ ही नोडल अधिकारी पर आरोप है कि अगर आदेश का पालन नहीं किया तो जून माह का वेतन नहीं मिलेगा और कार्रवाई की जाएगी। बहुत से लोग ऐसे हैं जो परिवार के साथ रह रहे हैं तो वह दूसरे स्टाफ को अपने साथ कैसे रख सकते हैं। ऐसे में परिवार को बाहर रखने का दबाव बनाया जा रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए नर्सिंग स्टाफ ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा है। इन लोगों की मांग है कि हर स्टाफ को अलग-अलग आवास दिया जाए और बाहर रहने वाले का भत्ता न काटा जाए।
फिर क्यूं रह रहे बिना रैंक वाले
नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि आवास आवंटन के समय रैंकिंग को आधार बनाया गया था। मगर कुछ नर्सिंग स्टाफ को बिना रैंकिंग के ही आवास दिया गया है। ऐसे में अन्य लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्टाफ का कहना है कि जो लोग बिना रैंकिंग के रह रहे हैं उनको बाहर करते हुए एक स्टाफ को एक आवास का आवंटन किया जाए।