एटा। थाना जसरथपुर क्षेत्र के भनऊ घाट के पास नदी किनारे बुधवार की देर शाम एक वृद्ध का शव मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पहचान के लिए मोर्चरी में रखवा दिया था। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हाउस पर दो पक्षों ने अपने-अपने परिजन के रूप में पहचान कर ली। इसे लेकर दोनों के बीच बहस और नोकझोंक होती रही। बाद में भोगांव निवासी वृद्ध के रूप में पहचान तय हुई।
बृहस्पतिवार की सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे कुछ लोगों ने वृद्ध को सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक बताया। उनका कहना था कि वृद्ध संजय नगर निवासी नाहर सिंह थे, जो पिछले 10 माह से गायब थे। गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना कोतवाली नगर में दर्ज कराई गई थी। उसकी पहचान के आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
वहीं दोपहर के समय पहुंचे लोगों ने रामचंद्र निवासी मिल्किया थाना भोगांव के रूप में पहचान की। बताया कि कल दोपहर लगभग 12 बजे रामचंद्र टहलने की बात कहकर घर से निकले थे। लेकिन वहां से 10 किलोमीटर दूर कैसे पहुंचे और उनकी मौत का क्या कारण रहा, इस बारे में परिजन को कोई जानकारी नहीं थी।
बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों से जांच-पड़ताल की। भोगांव के लोग मृतक का आधार कार्ड आदि दस्तावेज लेकर आए और पुलिस को भी पहचान कराई। इसके बाद संजय नगर के लोगों ने पहचानने में गलती मान ली और चले गए। शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। अलीगंज सीओ सुधांशु शेखर ने बताया कि मृतक के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर ही स्पष्ट हो सकेगी।