बारह पत्थर मैदान पर चल रहे बसंत महोत्सव में मंगलवार की देर रात्रि नामचीन कलाकारों ने गजल, गीत और नृत्य की प्रस्तुति देकर ऐसा समा बांधा कि पंडाल में बैठे दर्शकों की तालियां कार्यक्रम की सफलता को बयां कर रही थी। कलाकारों ने भी श्रोताओं की मांग पर उनके मनपंसद गाने पर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी।
मां सरस्वती के चित्र के समक्ष जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पाण्डियान, एसपी सुनील कुमार, सीओ सबीह हैदर, आयोजक पालिकाध्यक्ष रूपकिशोर कुशवाह ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभांरभ किया। आगरा के गजल गायक शकील खॉन ने साईं महिमा का गुणगान कर कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद उन्होंने गजल ‘चिट्ठी आई है वतन से चिट्ठी आई है’ सुनाकर माहौल को देशभक्तिमय किया। दिल्ली से आई ज्योति मैनी ने अतिथियों के स्वागत में गीत ‘तुम आ गए हो नूर आ गया है’ प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिवादन किया। इसके बाद उन्होंने ‘पर्दे में रहने दो पर्दा न उठाओ सहित अन्य गजल गीतों की प्रस्तुति दी। अलीगढ़ दिल्ली से आए कलाकारों ने ‘प्रेम रतन धन पायो व अन्य गीतों पर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी। देर रात्रि तक लोग कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। आयोजक पालिकाध्यक्ष रूपकिशोर कुशवाह ने सभी अतिथियों एवं वार्ड सभासदों को सम्मानित करते हुए उनका आभार जताया। इस दौरान वाणिज्य कर असिस्टेंट कमिश्नर देवेंद्र सिंह, डा. वीड़ी राना, महेंद्र राना, आकाश दीप वर्मा रानू, विजय राजपूत, पूर्व चेयरमैन चौधरी नूरूल हसन, डा. लायक अली, शरद गुप्ता, राजीव माहेश्वरी, उत्कर्ष आर्य सहित वार्डों के सभासद मौजूद रहे।