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मासूम से किया था दुष्कर्म का प्रयास, मुंह दबाने से घुटा दम

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एटा। अवागढ़ में मासूम बच्ची हत्याकांड के मामले में पुलिस ने कस्बे के ही दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुुताबिक इन दोनों ने कारोबारी के पुत्र का अपहरण कर वसूली की योजना बनाई थी। इसके लिए पांच दिन तक घर की रेकी की, लेकिन धोखे में पुत्र के बजाये पुत्री को उठा ले गए। पता लगने पर उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश भी की थी। मुंह दबाने से बच्ची का दम घुट गया।
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पुलिस लाइन में शनिवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि 4 फरवरी की देर शाम अवागढ़ कस्बे से एक गारमेंट कारोबारी की पांच वर्षीय पुत्री का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले के खुलासे में छह टीमें लगाई गई थीं। कारोबारी के घर के सामने की गली में लगे सीसीटीबी कैमरे की फुटेज में दो संदिग्ध युवक दिखे, जो पांच दिन से कारोबारी के घर की रेकी कर रहे थे। पुलिस ने अवागढ़ तिराहा के पास से कस्बा के ही मोहल्ला तवायफान निवासी आरोपी प्रिंस ओझा व कछपुरा निवासी रोहित नायक को पकड़ लिया।
पूछताछ में बताया कि कारोबारी के किसी भी भाई के एक बच्चे का अपहरण करना चाह रहे थे। चार फरवरी को देर शाम दोनों बाइक से आए। 7:15 बजे बच्ची घर से बाहर आई। बच्ची को उठाकर बाइक से खंडहर की तरफ ले गए। जहां से दोनों उसे धान मील ग्राउंड में ले गए। वहां जाकर पता लगा कि वह लड़का नहीं लड़की है, तो शराब के नशे में रोहित ने उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसका मुंह दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में बच्ची के शव को रामप्यारी हॉस्पीटल के पीछे एक प्लॉट में फेंक दिया। कपड़े बदलकर दोनों दोबारा बाजार में आ गए।
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पहने थे मास्क और मफलर
एएसपी ने बताया कि दोनों आरोपी मास्क और मफलर पहने हुए थे। जिससे उनकी पहचान न हो सके। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही पुलिस आरोपियों के पास तक पहुंची। दोनों आरोपी मित्र हैं। दोनों के बीच व्हाट्सएप चैट भी हुई। जिसमें तमंचा-कारतूस आदि बातें की गईं। इससे दोनों युवकों पर शक गहरा गया। एएसपी ने बताया कि आरोपी रोहित डेढ़ साल पहले कर्नाटक चला गया था। वहां से 24 जनवरी को वापस आया। दोनों के परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।
कारोबारी के घर पहले भी हो चुके हैं अपहरण
एएसपी ने बताया कि कारोबारी के यहां पहले भी दो अपहरण हो चुके हैं। इसके चलते आरोपियों ने इस परिवार को निशाना बनाया। मामले के खुलासे को लेकर सीओ सकीट विक्रांत द्विवेदी, सीओ जलेसर इरफान नासिर खान के अलावा सर्विलांस, एसओजी सहित अन्य चार टीमें लगातार कार्य कर रही थीं।
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