अवागढ की तीन तलाक की पीड़ित अपने बच्चे और माता पिता के साथ- अमर उजाला
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अवागढ़/एटा। पहले देवर ने जुर्म ढहाया अब पति ने फोन पर तीन तलाक दे दिया। पीड़िता जब थाने अपनी फरियाद लेकर पहुंची। मगर पुलिस तीन तलाक का मामला नहीं मान रही है। पुलिस पीड़िता की ओर से पहले कराई गई रिपोर्ट का हवाला दे रही है।
थाना अवागढ़ के मोहल्ला तवायफान निवासी नजराना पुत्री निसार अहमद को शौहर आमिर पुत्र नुख्तयार निवासी पीर खार थाना एत्मादौला आगरा ने बुधवार को फोन पर तीन तलाक दे दिया।
पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2018 में देवर तालिब खां ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। इसको लेकर पति और ससुरालीजन परेशान करते चले आ रहे हैं। पीड़िता का कहना है कि वह लंबे समय से अपने पिता के साथ दिल्ली में रह रही है। पति आमिर की ओर से फोन पर तीन तलाक देने के बाद वह थाने पहुंचे और पति के खिलाफ तहरीर दी गई। हालांकि पुलिस ने पीड़िता की एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस पुराने मामले से घटना को जोड़कर तीन तलाक की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
पीड़िता के परिजनों ने पति को थाने में लाकर दिया
तीन तलाक की पीड़िता नजराना के परिजनों की ओर से पति आमिर व एक अन्य को थाने ले आए। पुलिस ने दोनों को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। आरोपियों को परिजन पुलिस को सौंपने के बाद अपने घर चले गए। लेकिन पुलिस मामले को उल्टा करने में लग गई है।
इंस्पेक्टर बोले- अपहरण की है घटना
थाना अवागढ़ प्रभारी अजीत सिंह से जब इस संबंध में बात हुई तो वह बोले तीन तलाक की तहरीर मिली है। इससे पहले भी एक मामला दर्ज हुआ है, उस मामले में महिला के परिवारीजन शिकोहाबाद से दो लोगों को लेकर आए हैं। उनके खिलाफ अपहरण की वारदात बनती है।
मुंशी से वापस कराए रुपये
सूत्र बताते हैं कि पीड़िता से थाने पर तैनात मुंशी ने तीन तलाक की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए रिश्वत ले ली। थाना प्रभारी अजीत सिंह को जब पता चला कि तीन तलाक पीड़िता से रिश्वत ले ली गई है तो रिश्वत की रकम को वापस कराया गया।