फोटो21सोरोंजी के लहरा में जर्जर पड़ा सामुदायिक शौचालय। संवाद
कासगंज। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा और गंगा स्नान के लिए लहरा घाट पर उमड़ने वाली भीड़ के बीच बुनियादी सुविधाओं की पोल खुलने लगी है। लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय जर्जर हालत में हैं, हालांकि प्रशासन ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए मोबाइल टॉयलेट और पानी के टैंकरों की व्यवस्था शुरू कर दी है।
लहरा निवासी जितेंद्र, धनंजय, रोहित और भरत कुमार ने बताया कि नगर पालिका की ओर से लहरा में करीब 10 साल पहले सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। घाट पर बना सामुदायिक शौचालय काफी समय से जर्जर है। उसकी नियमित देखरेख न होने से शौचालयों के दरवाजे टूट चुके है। साफ-सफाई व पानी के अभाव में अधिकांश श्रद्धालु इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार, पूर्णिमा और अन्य धार्मिक अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु लहरा घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि हर वर्ष मेले से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन स्थायी शौचालयों की स्थिति में कोई सुधार नहीं होता।
नगर पालिका की प्रभारी अधिशासी अधिकारी एसडीएम हर्षिता देवड़ा ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने और कांवड़ मेले के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गंगाघाट व कांवड़ मार्ग पर मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। इसके साथ मार्ग पर 50 मीटर की दूरी पर पानी के टैंकर लगाए हैं। जर्जर सामुदायिक शौचालयों की भी शीघ्र मरम्मत कर उन्हें उपयोग के योग्य बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।