पुरानी बस्ती स्थित पंचायती बड़े जैन मंदिर में पूजन करते जैन समाज के लोग। स्रोत स्वयं
एटा। पुरानी बस्ती स्थित पंचायती बड़े जैन मंदिर में शनिवार को तड़के जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक, शांतिधारा व नित्य नियम पूजन के बाद गिरनार गौरव आचार्य निर्मल सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य, जागृतिकारी संत आचार्य नयन सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म का उपदेश दिया। प्रवचन में उन्होंने कहा कि समय और समझ दोनों अलग-अलग हैं, लेकिन जो व्यक्ति समय रहते सही समझ विकसित कर लेता है उसका कल्याण निश्चित होता है।
बोले वर्तमान में चातुर्मास का पावन काल चल रहा है ऐसे में केवल साधु-संतों को ही नहीं बल्कि प्रत्येक श्रावक को भी अपने मन, वचन, काया, आहार और विहार पर संयम रखना चाहिए। कहा कि आत्मकल्याण केवल चर्चा से नहीं बल्कि श्रेष्ठ चर्या से संभव है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का मंगलाचरण सुनीता जैन ने किया। शाम को आरती एवं गुरु भक्ति का संगीतमय आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने गुरु के प्रति विनयांजलि अर्पित की। इस दौरान बबिता जैन प्रेरणा ने बताया कि आज रविवार को दोपहर 12 बजे आचार्य श्री का मंगल विहार बड़े जैन मंदिर से जिला पंचायत स्थित जनेश्वर मिश्र सभागार पहुंचेगा। कार्यक्रम में प्रतिष्ठाचार्य अशोक शास्त्री धीरज, योगेश जैन, शैलेंद्र जैन, चंद्रप्रकाश, चिन्मय जैन, पूजा जैन, मोहित जैन आदि मौजूद रहे।