एटा। पंचायती राज विभाग में विकास कार्यों को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। अब ग्राम पंचायतों में वित्त आयोग और मनरेगा कन्वर्जेंस की धनराशि से सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवनों का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद ही पंचायती राज विभाग में अन्य कार्य होंगे।
जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में वित्त आयोग की धनराशि की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है, उन ग्राम पंचायत में पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 50 फीसदी अथवा उससे अधिक धनराशि का वहन मनरेगा से किया जा सकता है।
पंचायत भवनों के निर्माण की गतिविधि मनरेगा की कार्य सूची में सम्मिलित है। भवन निर्माण के लिए शत-प्रतिशत धनराशि भी मनरेगा से व्यय की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी ग्राम पंचायत द्वारा निर्देशों का उल्लंघन होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले में विकास खंड अलीगंज, जैथरा व अवागढ़ के एडीओ पंचायत, प्रधान और सचिव को निर्देश दे दिए गए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूलों में मरम्मत का कार्य भी इन कार्यों के बाद ही करने को कहा गया है।