एटा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण सूची लागू होने के बाद आपत्तियां मांगी गई थीं, जिसमें 428 आपत्तियां दर्ज की गई। दर्ज आपत्तियों में सबसे अधिक प्रधानों की रही। वहीं कुछ ग्राम पंचायत में आरक्षण को लेकर खुशी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने चक्रानुसार सभी वर्ग के लोगों को चुनाव लड़ने का मौका दिया है।
त्रिस्तरीय चुनाव में ग्रामीणों का कहना है कि आरक्षण लागू होने के बाद ऐसे ग्राम प्रधान को बहुत बड़ा झटका लगा है जो हर बार अपनी दावेदारी करते थे, लेकिन इस बार अन्य वर्ग के लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिला है। आरक्षण लागू होने के बाद चार मार्च से आपत्तियां मांगी गई थी, जिसमें कुल 428 आपत्तियां दर्ज की गई। वहीं 428 आपत्तियों में से 403 आपत्तियां ग्राम प्रधान पद पर दर्ज की गई। शेष आपत्तियां क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की प्राप्त की गईं। वहीं ग्राम प्रधान के आरक्षण को बदलवाने के सभी हथकंडे धरे रह गए।