जल ही जीवन है, बिना जल के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह बात सभी अच्छी तरह से जानते हैं। लेकिन पानी की बर्बादी रोकने के लिए कोई भी गंभीर नजर नहीं आता। नगर पालिका प्रशासन हो या फिर आम नागरिक। सभी जल को यूं ही बर्बाद होते देखते रहते हैं। अंदेखी और नासमझी से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी यूं ही नालियों में व्यर्थ वह जाता है।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र में लगभग साढ़े आठ हजार पानी के कनेक्शनधारी उपभोक्ता हैं। इनके लिए पालिका प्रशासन प्रतिदिन 8.2 मीट्रिक लीटर पानी की सप्लाई करता है, लेकिन यह पूरा पानी उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाता। हजारों लीटर पानी प्रतिदिन ही नालियों में व्यर्थ बह जाता है। पालिका के पानी की सप्लाई के उपभोक्ता पानी का प्रेशर कम आने पर जल संयोजन के लिए टोटी खोल लेते हैं, लेकिन पानी भरने के बाद उसे बंद नहीं करते हैं, इससे पानी व्यर्थ ही बहता रहता है। इतना ही नहीं लाइन के जर्जर होने पर उसे ठीक कराने में भी पालिका उदासिन बनी रहती है। पालिका के नियमानुसार संयोजनों को खोलना जुर्म है। लेकिन पालिका प्रशासन की ओर से खुले संयोजनों को बंद कराने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया जाता। सुपरबाइजर रोहन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। यदि कहीं संयोजन खुला मिला तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।