एटा। सपा (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा बुलंद कर रही है। एटा में पार्टी के सांसद भी हैं, लेकिन नगला पवल में गरीबी से तंग अनुसूचित जाति वर्ग के परिवार की महिला की मौत के बाद कोई सांत्वना देने तक नहीं पहुंचा।
शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला पवल में यह दर्दनाक हादसा 20 जनवरी की रात हुआ था। सुमन (35) ने जहर खाकर जान दे दी। उसके पति की बीमारी से 2023 में मौत हो गई थी। छह बच्चों के पालन-पोषण का भार सुमन पर ही आ गया था। साथ ही पति के इलाज में हुआ कर्ज भी उसको चुकाना पड़ रहा था। मेहनत-मजदूरी कर इस प्रयास में जुटी थी, लेकिन सफल नहीं हो पा रही थी। इससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली।
जीते जी न सही, लेकिन उसके मरने के बाद प्रशासन ने सजगता दिखाई। आर्थिक मदद के साथ ही विभिन्न योजनाओं का लाभ परिवार को दे दिया है। प्रशासन के अलावा भाजपा, कांग्रेस और बसपा के कार्यकर्ता भी पहुंचे। मदद और आश्वासन दिए। लेकिन सपा से अभी तक कोई नहीं पहुंच सका है। परिवार को इंतजार है कि उनके वर्ग की नुमाइंदगी की बात करने वाले लोग कब उनके घर आएंगे।