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एटा के इतिहास में यह चुनाव अनोखा और इकलौता

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एटा। जिले की राजनीति में 1977 का चुनाव ऐसा था जो अनोखा तो रहा, इकलौता भी है। ऐसा चुनाव आज तक नहीं हुआ। अलीगंज विधानसभा सीट पर केवल दो ही उम्मीदवार थे, जिनका सीधा-सीधा मुकाबला था। जनता पार्टी और कांग्रेस की इस सीधी टक्कर में जनता पार्टी ने परचम फहराया था। रोचक चुनाव के बीच जीत-हार में मामूली मतों का अंतर रहा था।
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यूं तो अलीगंज विधानसभा सीट ही एटा की राजनीति में खास मायने रखती है, लेकिन कई बार विशेष वजहों से इसने सबका ध्यान खींचा है। ऐसा ही कुछ 1977 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान हुआ। यहां जब चुनाव की घोषणा हुई तो चुनाव लड़ने वाले ही नजर नहीं आ रहे थे। अंत समय तक यहां दो ही नामांकन हो सके। एक ओर सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस से कद्दावर नेता लटूरी सिंह चुनाव मैदान में थे, तो उनके सामने कोई चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं कर रहा था।
कई वर्गों ने मिलकर गेंदालाल को चुनावी रण मेें उतारा। जिन्हें जनता पार्टी ने टिकट दिया। मुकाबला बेहद ही रोचक रहा था। यहां तक कि गोलियां भी चलीं। कुल 124636 मतदाताओं में से 83866 ने वोट डाले। चुनाव के बाद परिणाम भी उतने ही रोमांचक थे। एक-एक बूथ की गणना के बाद कभी किसी का तो कभी किसी का पलड़ा भारी मालूम पड़ता रहा। 41452 वोट गेंदालाल को तो 4119 वोट लटूरी सिंह को मिले। महज 334 मतों के अंतर से गेंदालाल विजयी हुए थे।
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अलीगंज में कब कितने प्रत्याशी
1952 8
1957 7
1962 10
1967 8
1969 7
1974 6
1977 2
1980 7
1985 5
1989 9
1991 21
1993 52
1996 28
2002 8
2007 16
2012 16
2017 14
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