एटा। गेहूं की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू कर दी गई है, लेकिन पहले दिन केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा और कहीं बोहनी तक नहीं हुई। कुछ केंद्रों पर तो खरीद की पूरी व्यवस्थाएं भी नहीं थीं। जिले में कुल 72 केंद्र बनाए गए हैं। शुक्रवार को गेहूं खरीद का पहला दिन था। इस दौरान क्रय केंद्रों पर तैयारियों का दौर चलता रहा। बैनर आदि लगाकर क्रय केंद्रों को खोलने की खानापूर्ति होती रही। कई क्रय केंद्रों पर कांटा तक नहीं चल रहा था। तो कहीं किसानों के लिए बैठने का इंतजाम नहीं था। इस दौरान कुछ केंद्रों पर प्रभारी भी मौजूद नहीं थे।
एफसीआई केंद्र पर नहीं थे प्रभारी
मंडी में भारतीय खाद्य निगम का क्रय केंद्र खोला गया है। यहां सुबह 11 बजे बैनर लगाकर औपचारिक रूप से गेहूं खरीद की घोषणा कर दी गई, लेकिन क्रय केंद्र प्रभारी मौजूद नहीं थे, अन्य कर्मचारी बैठे थे। उन्होंने बताया कि प्रभारी किसी कार्य से गए हुए हैं।
मंडी में ही खुले दूसरे क्रय केंद्र
मंडी में एक कर्मचारी ने बैनर लगाकर खानापूर्ति कर दी थी। वह गेहूं के मूल्य के बारे में जानकारी तक नहीं दे पाया। जब ठंडा पानी व किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था के बारे में पूछा तो बोला पहला दिन है। केंद्र खोल दिया है व्यवस्था भी कर ली जाएंगी।