एटा। मेडिकल कॉलेज में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) की व्यवस्था नहीं है जिसकी वजह से गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। इससे तीमारदारों को दूसरे जिले तक के लिए दौड़ लगानी पड़ती है।
मेडिकल कॉलेज में तमाम सुविधाओं के बावजूद अभी तक आईसीयू की व्यवस्था नहीं की गई है। मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के ऑपरेशन करने के बाद उन्हें सामान्य वार्ड में भर्ती कर दिया जाता है। जबकि अन्य गंभीर मरीजों को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। गायनिक विभाग में कई सारी ऐसी महिलाएं आती हैं जिन्हें ऑपरेशन के बाद आईसीयू की जरूरत पड़ती है। ऐसे मरीजों को स्वास्थ्य कर्मचारी भर्ती करने से ही मना कर देते हैं। इससे उन्हें आगरा, अलीगढ़ समेत अन्य जिलों में जाकर उपचार कराना पड़ता है।
वहीं मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हर रोज 50 से अधिक घायल लोग पहुंचते हैं। हालात ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। जबकि मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त चिकित्सक के साथ अन्य उपकरण भी मौजूद है। अगर आईसीयू की व्यवस्था हो तो घायल व गंभीर मरीजों को दूसरे जिले के लिए नहीं भागना पड़ेगा। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आईसीयू संचालित करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही आईसीयू समेत अन्य जांचों की मशीनें स्थापित की जाएंगी।