एटा। यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा का समय नजदीक आ गया है। दो फरवरी से प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो रहीं हैं, लेकिन तमाम विद्यालयों में लैब में संसाधन नहीं हैं। जहां सामान है, वहां धूल जमी हुई है। अमर उजाला टीम ने सोमवार को इसकी पड़ताल की तो विद्यालयों के जिम्मेदार प्रयोगशालाएं दिखाने में बहानेबाजी करते नजर आए।
डीआईओएस ने विज्ञान वर्ग की मान्यता के लिए कॉलेज के प्रधानाचार्यों को पूर्व में निर्देश दिए कि प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए लैब संचालित होनी चाहिए। इससे पहले विद्यार्थियों को प्रैक्टीकल भी कराए जाने चाहिए। सोमवार को की गई पड़ताल में शहर से लेकर देहात क्षेत्र के कई विद्यालयों में लैब व्यवस्थित नहीं मिली। कई विद्यालयाें में लैब दिखाने में बहानेबाजी की गई। बता दिया गया कि शिक्षक प्रैक्टीकल लेने के लिए दूसरे जनपदों में गए हैं। ऐसे में लैब नहीं दिखाई जा सकती है।
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लैब दिखाने से काटी कन्नी
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाध्यापिका नीतू सिंह ने बताया उनके यहां तीन लैब हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए जीव विज्ञान की लैब पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लैब दिखाई लेकिन उसमें धूल जमी हुई थी। अन्य दो लैब दिखाने से कन्नी काटी गई।
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सामान मिला बंद
अविनाशी सहाय आर्य इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य दिनेश यादव ने बताया उनके यहां तीन लैब हैं। शिक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा को लेने के लिए दूसरे जनपद गए हैं। जीव विज्ञान की लैब खुली है, लेकिन लैब में मेज खाली थी। बताया सामान प्रैक्टीकल के समय अलमारी से निकाल लिया जाता है।
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लैब को दुरुस्त रखने के लिए डीआईओएस द्वारा पूर्व में ही निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी लैब सही नहीं है। इस संबंध में विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। -हरेंद्र यादव, एडीआईओएस